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FII: इस साल बाजार के निवेशकों की पूंजी 30 लाख करोड़ बढ़कर 475 लाख करोड़ रुपये के पार, BSE ने दिया 9% का फायदा

Fri, 26 Dec 2025 05:32 AM IST
निर्मल कांत अजीत सिंह, नई दिल्ली।

सार

FII: इस साल विदेशी निवेशकों ने रिकॉर्ड बिकवाली की, लेकिन इसके बावजूद बीएसई सेंसेक्स ने करीब 9 प्रतिशत का रिटर्न दिया। एफआईआई की निकासी के बीच घरेलू निवेश और आईपीओ गतिविधियों से बाजार पूंजी 30 लाख करोड़ रुपये बढ़ी। विशेषज्ञों को उम्मीद है कि आगे सुधारों, आय वृद्धि और नीति समर्थन से बाजार की स्थिति और मजबूत हो सकती है।
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बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज - फोटो : एएनआई (फाइल)
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विस्तार
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विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने इस पूरे साल घरेलू शेयर बाजार में रिकॉर्ड मूल्य के शेयर बेचे हैं। बावजूद इसके बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज यानी बीएसई सेंसेक्स ने 9 फीसदी का फायदा दिया है। इस दौरान निवेशकों की पूंजी में 30 लाख करोड़ रुपये की तेजी आई है। यह तब हुआ है, जब डॉलर के मुकाबले रुपये में भारी गिरावट, वैश्विक अनिश्चितता और व्यापार समझौतों में देरी हुई है।
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डिपॉजिटरीज के आंकड़ों से पता चलता है कि, इस साल जनवरी से लेकर अब तक एफआईआई ने 1.57 लाख करोड़ रुपये के शेयर बेचे हैं। यह 2022 में बेचे गए 1.21 लाख करोड़ रुपये के बाद रिकॉर्ड निकासी है। इन निवेशकों ने इस साल सबसे ज्यादा 78,000 करोड़ रुपये के शेयर जनवरी में बेचे हैं। हालांकि, बीच के कुछ महीनों में जरूर खरीदी की, लेकिन पिछले तीन महीनों से फिर से भारी बिकवाली शुरू कर दी है। विश्लेषकों का अनुमान है कि जनवरी में भी ये निवेशक बिकवाली कर सकते हैं। इनकी नजर अब कई देशों के साथ भारत के व्यापार समझौतों और बजट पर है।

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चालू वित्त वर्ष 2025-26 में भी अब तक रिकॉर्ड 40,227 करोड़ के शेयरों की बिकवाली हुई है। इस महीने अब तक 13,177 करोड़ रुपये के शेयर बेचे हैं। हालांकि, बाजार पर बहुत ज्यादा प्रभाव नहीं पड़ा है। बीएसई सेंसेक्स एक जनवरी को 78,507 पर बंद हुआ था। अब यह 85,408 पर बंद हुआ है। यानी 9 फीसदी का फायदा मिला है। दिसंबर में जरूर यह सपाट रहा है। एक दिसंबर को 85,641 पर बंद हुआ था। उधर, पूरे साल के दौरान सूचीबद्ध कंपनियों की पूंजी 30 लाख करोड़ रुपये बढ़कर अब 475 लाख करोड़ रुपये हो गई है। एक जनवरी को यह 444 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा थी।

इस महीने सोने ने दिया 7,000 का फायदा
इस महीने सोने ने निवेशकों को प्रति दस ग्राम पर 7,000 रुपये का फायदा दिया है। हालांकि चांदी ने इसी दौरान 50,000 रुपये प्रति किलो का फायदा दी है। सोना एक दिसंबर को 1.33 लाख से बढ़कर अब 1.40 लाख रुपये पर पहुंच गया है। चांदी 1.77 लाख से बढ़कर 2.27 लाख रुपये प्रति किलो के भाव पर पहुंच गई है।

एफआईआई की भारी निकासी
दिसंबर      13,177 करोड़
सितंबर      23,885 करोड़
अगस्त       34,993 करोड़
जुलाई       17,741 करोड़

आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज के अनुसार, निफ्टी की आय में अगले वित्त वर्ष में 16 फीसदी वृद्धि होने की उम्मीद है, जो चालू वर्ष के अनुमान से लगभग दोगुनी है।

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सुधारों से निवेशकों को मिलेगा फायदा
भारतीय निवेशक 2026 में आय वृद्धि में सुधार की उम्मीद कर रहे हैं, ताकि नए विजेता शेयरों की पहचान कर सकें। एनएसई निफ्टी-50 सूचकांक 2025 में लगभग 9 प्रतिशत चढ़ा है। एमएससीआई एसी एशिया पैसिफिक सूचकांक से 1998 के बाद सबसे बड़े अंतर से पीछे है।
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विश्लेषकों का कहना है कि उपभोग कर दरों में कमी और ब्याज दरों में कटौती से कंपनियों के मुनाफे में वृद्धि होने के कारण नए साल में यह पिछड़ने का सिलसिला पलट सकता है।

48,000 करोड़ बढ़ गई पूंजी दिसंबर में
इस महीने पूंजी में केवल 48,000 करोड़ रुपये की तेजी आई है। एक दिसंबर को यह 474.52 लाख करोड़ रुपये रही जो अब 475 लाख करोड़ रुपये है। दरअसल, स्मॉल और मिडकैप शेयरों की पिटाई से निवेशकों को अच्छा मुनाफा नहीं मिला है।

आईपीओ से फायदा : पूंजी बढ़ने का एक और कारण नई कंपनियों की लिस्टिंग रहा है। ज्यादातर निवेशक इन्हीं में पैसे लगाते हैं।

103 कंपनियों ने आईपीओ के जरिये इस साल में 1.70 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा रकम जुटाईं। इससे भी बाजार की पूंजी में अच्छी खासी तेजी आई।

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