लोकसभा ने मंगलवार को केंद्र सरकार के 2024-25 के लिए 48.21 लाख करोड़ रुपये के बजट को मंजूरी दे दी। निचले सदन ने केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर के बजट को भी ध्वनिमत से मंजूरी दे दी। इनसे संबंधित विनियोग विधेयक भी सदन की ओर से पारित कर दिया गया।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि विकसित भारत सरकार का विजन है। वित्त मंत्री ने कहा कि इस वित्तीय वर्ष में 48.2 लाख करोड़ रुपये खर्च होने जा रहा है। वित्त मंत्री ने कहा, "हमारा लक्ष्य 2047 तक विकसित भारत बनाना है। वित्त मंत्री ने कहा कि हम देश में स्थितरता के निर्माण के लिए काम कर रहे हैं।"
इस दौरान वित्त मंत्री ने बताया कि यूपीए सरकार के कार्यकाल के दौरान किस वर्ष के बजट में कितने राज्यों के नाम की चर्चा नहीं की गई। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में बजट चर्चा का जवाब देते हुए दावा किया, "हम राजकोषीय घाटे को 2025-26 तक 4.5% से नीचे लाएंगे।"
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में बजट चर्चा का जवाब कहा, "... हमने इस साल केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर के केंद्रीय बजट में 17,000 करोड़ रुपये की पर्याप्त वित्तीय सहायता प्रदान की है। इसमें जम्मू-कश्मीर पुलिस की लागत के वित्तपोषण के लिए 12,000 करोड़ रुपये शामिल हैं।"
वित्त मंत्री ने कहा कि यह एक भार है जिसे हम अपने कंधों पर लेना चाहते हैं ताकि जम्मू-कश्मीर के पास विकास गतिविधियों पर पैसा खर्च करने के लिए अधिक लचीलापन मौजूद हो। 5,000 करोड़ रुपये की अतिरिक्त केंद्रीय सहायता भी प्रदान की गई है।
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में बजट चर्चा का जवाब देते हुए कहा, "मैं सदन के प्रत्येक सदस्य को धन्यवाद देना चाहती हूं, जिन्होंने यहां पेश किए गए बजट में बात की है और रुचि ली है। मैं देश के लोगों को पीएम मोदी के नेतृत्व वाली इस सरकार को लगातार तीसरी बार ऐतिहासिक कार्यकाल देने के लिए धन्यवाद देना चाहती हूं। यह लोगों के विश्वास और प्रतिबद्धता की पुष्टि करता है जिसके साथ प्रधानमंत्री देश का नेतृत्व कर रहे हैं। उनके नेतृत्व में देश में स्थिरता का माहौल बन रहा है और जन-केंद्रित नीतियां सामने आ रही हैं। हम सभी मिलकर 2047 तक विकसित भारत बनाने के लिए काम करेंगे।"