साक्षी गुप्ता और सांकेतिक तस्वीर
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एचडीएफसी बैंक की प्रधान अर्थशास्त्री साक्षी गुप्ता ने बताया कि लड़खड़ाती उपभोक्ता मांग पर इस बार सरकार ने विशेष ध्यान दिया है। इससे निम्न और मध्य वर्ग की ओर से उपभोक्ता मांग और बचत को बढ़ावा मिलने की संभावना है, जिसे बढ़ी हुई खाद्य महंगाई और मजदूरी में धीमी वृद्धि से चुनौतियों का सामना करना पड़ा है। बजट आम आदमी के लिए रियायतें देने से कहीं आगे है। भारत की दीर्घकालिक विकास आकांक्षा को पुनर्जीवित करने के लिए रोजगार सृजन और कौशल वृद्धि महत्वपूर्ण जरूरत रही है। एमएसएमई को बढ़ावा देकर रोजगार पैदा करने के लिए प्रोत्साहित किया गया है। दिहाड़ी श्रमिकों के लिए स्वास्थ्य सेवा, जूते, खिलौने, खाद्य प्रसंस्करण और पर्यटन जैसे श्रम केंद्रित क्षेत्रों को बढ़ावा देने से रोजगार बढ़ेगा। हर वर्ष कार्यबल में शामिल होने वाले 70-80 लाख लोगों को खपाने में इसका कितना लाभ होगा यह देखना बाकी है और यह कार्यान्वयन पर निर्भर करता है।
बजट का कई क्षेत्रों में दिखेगा असर
बजट में मध्य वर्ग पर ध्यान दिया गया है, जो समय की जरूरत भी थी। खपत बढ़ाने और आम आदमी की जेब में ज्यादा पैसे बचे, इस पर ध्यान दिया गया है। खपत बढ़ने से पर्यटन, एफएमसीजी और उपभोक्ता टिकाऊ वस्तुओं जैसे क्षेत्रों को लाभ होगा।
-अरुण मंत्री, फाउंडर, मंत्री फिनमार्ट
स्ट्रक्चरल बदलाव से शेयर बाजारों को समर्थन मिलेगा
बजट का असर एक-दो तिमाही में दिखेगा। खासतौर पर बुनियादी ढांचे पर सरकार के खर्च से सीमेंट की मांग में इजाफा होगा। निजी निवेश भी आएगा। स्ट्रक्चरल बदलाव से शेयर बाजारों को समर्थन मिलेगा। बजट के बाद आरबीआई पर बाजार की नजर रहेगी। ब्याज दरों में कटौती होती है तो बाजार में मूवमेंट देखने को मिलेगा।
-सुदीप बंदोपाध्याय, ग्रुप चेयरमैन, इंडिट्रेड कैपिटल
बहुत सकारात्मक, संतुलित और व्यावहारिक बजट
बहुत सकारात्मक, संतुलित और व्यावहारिक बजट है। करदाताओं के हाथ में अधिक पैसे आने से उपभोग, बचत और निवेश सभी कुछ बढ़ेगा, जिसका असर जल्द ही अर्थव्यवस्था में ग्रोथ के रूप में देखने को मिलेगा।
-धीरज रेल्ली, एमडी-सीईओ, एचडीएफसी सिक्योरिटीज