वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के बजट भाषण (वित्तीय वर्ष 2023-24) में अब कुछ घंटे ही शेष रह गए हैं। अधिकतर जानकारों का मानना है कि चुनावी साल के एक वर्ष पहले सरकार आम आदमी की पसंद का बजट पेश करना चाहेगी। बाजार के हर हितधारक की बजट से अपनी-अपनी अपेक्षाएं हैं। क्रिप्टोकरेंसी बाजार भी बड़ी उम्मीदों के साथ केंद्रीय बजट 2024 का इंतजार कर रहा है। क्रिप्टो बाजार सरकार से कर व्यवस्था में बदलाव के साथ ऐसे कदमों की उम्मीद कर रहा है जिससे देश में उसकी मांग में वृद्धि हो।
वर्ष 2022 क्रिप्टोबाजार के लिए एक कड़वा साल रहा। इस साल क्रिप्टो करेंसी मार्कट को भारी गिरावट, लिक्विडिटी की कमी, प्रमुख क्रिप्टो एक्सचेंजों का दिवालियापन, ट्रेडिंग वॉल्यूम में तेज गिरावट और अस्थिरता जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ा है। भारत में क्रिप्टो बाजारों को दोहरे कर झटके का सामना करना पड़ा है। सरकार ने यहां 30% से अधिक अधिभार और उपकर के साथ-साथ आभासी डिजिटल मुद्रा पर 1% टीडीएस कटौती की घोषणा कर रखी है। जिससे बाजार और निवेशक दोनों प्रभावित हुए हैं।
कॉइनएक्स के संस्थापक पुनीत अग्रवाल के अनुसार अगर 2023 के बजट में क्रिप्टो निवेशकों के लिए एक बेहतर और अधिक अनुकूलित कर व्यवस्था की घोषणा की जा सकती है। अग्रवाल के अनुसार भारत ने पिछले एक साल में कई बार क्रिप्टो से संबंधित एक नियामकीय ढांचे की बात कही है। भारत की अध्यक्षता में आयोजित जी 20 शिखर सम्मेलन में भी विशेष रूप से निगमित और गैर निगमित बाजारों पर चर्चा होनी है। हालांकि कॉइनएक्स के संस्थापक मानते हैं कि ना केवल नियामकीय ढांचे क्रिप्टो निवेशकों के लिए एक आसान टैक्स ढांचे की भी बाजार अपेक्षा रखता है।
अगर बजट के दौरान सरकार की ओर से ऐसी कोई घोषणा की जाती है तो इससे क्रिप्टो बाजार में नए निवेशक आकर्षित होंगे। इसके अलावे इस बार के बजट में सरकार क्रिप्टो के लेनेदेन पर लगने वाले टीडीएस में कमी की भी उम्मीद कर रही है।
2032 तक देश की जीडीपी में 1.1 ट्रिलियन डॉलर जोड़ सकता है क्रिप्टोबाजार
जेबपे के सीईओ राहुल पगीदिपति के अनुसार वर्ष 2022 Web3 और क्रिप्टोकरेंसी बाजार के लिए अहम साल रहा। नया और गैरआजमाया हुआ बाजार होने के बावजूद बीते साल भारत में क्रिप्टो बाजार में तेज वृद्धि दिखी। क्रिप्टो में निवेश करने वालों की संख्या लगातार बढ़ी है। FICCI की एक रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2032 तक Web 3.0 और ब्लॉकचेन भारत की जीडीपी में 1.1 ट्रिलियन डॉलर की राशि जोड़ सकता है।