कोरोना महामारी के पहले और दूसरे दौर के दौरान देश का रियल एस्टेट सेक्टर बुरी तरह से प्रभावित हुआ है। हालांकि महामारी से उबरने के बाद इस सेक्टर सुधार दिखने लगी। हालांकि, अब भी इस सेक्टर को वो सुधार हासिल नहीं हो पाया जिसकी इस कारोबार से जुड़ी कंपनियों उम्मीद कर रही थीं। रियर एस्टेट कारोबार से जुड़ी कंपनियों का कहना है कि यह सेक्टर एक बार फिर तेज रफ्तार हासिल कर सकता है अगर आगामी बजट में वित्त मंत्री इस सेक्टर को सहारा देने के लिए कुछ घोषणाएं करें। उन्होंने उम्मीद जताई है कि वर्ष 2023-24 वित्तीय वर्ष के बजट में सरकार किफायती और रेंटल हाउसिंग को बढ़ावा देने के लिए कदम उठा सकती है।
रियल एस्टेट कंपनियों को उम्मीद है कि आगामी बजट में सरकार उनके लिए कर्ज की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए भी कदम उठा सकती है। अगर ऐसा होता है अटकी पड़ी हाउसिंग परियोजनाओं को पूरा करने को गति मिलेगी। रियल एस्टेट सेक्टर घर खरीदने वालों के लिए वित्त मंत्री की ओर से इंसेंटिव का एलान करने की भी उम्मीद कर रही है। बता दें वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 2023 में एक फरवरी को आम बजट पेश कर सकती हैं।
रियल एस्टेट सेक्टर के जानकारों का मानना है कि बीते कुछ समय में महंगाई में बेतहाशा इजाफा हुआ। दूसरी ओर होम लोन पर ब्याज दर में भी बढ़ोतरी हुई है। ऐसे में आगामी बजट के दौरान सरकार की ओर से घर खरीदने वालों के लिए टैक्स में राहत का एलान किया जाना चाहिए। किफायती और मध्यम मूल्य वाले सेगमेंट में ग्राहकों को टैक्स में राहत मिलने से ग्राहकों को तो फायदा होगा ही साथ ही इसका लाभ रियल एस्टेट कंपनियों को भी मिलेगा। किफायती हाउसिंंग के सेगमेंट में ग्राहकों को होम लोन पर लगने वाले ब्याज पर टैक्स में पूरी छूट दी जानी जाहिए। उम्मीद है वर्ष 2023 के बजट के दौरान सरकार इसका ध्यान रखेगी। वर्तमान में सेक्शन 24 के तहत होम लोन के ब्याज पर एक वित्तीय वर्ष में आयकर में अधिकतम दो लाख रुपये छूट का ही प्रावधान है।