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Reliance: रिलायंस ने जर्मन कंपनी मेट्रो के भारतीय कारोबार का किया अधिग्रहण, 2850 करोड़ रुपये में हुई डील

Thu, 22 Dec 2022 04:26 PM IST
विवेक दास बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Reliance Aquires Metro India: मेट्रो इंडिया के अधिग्रहण पर रिलायंस रिटेल वेंचर्स लिमिटेड की निदेशक ईशा अंबानी ने कहा, “मेट्रो इंडिया का अधिग्रहण छोटे व्यापारियों और उद्यमों के साथ सक्रिय सहयोग के माध्यम से साझा समृद्धि का एक अनूठा मॉडल बनाने की हमारी नई वाणिज्य रणनीति के अनुरूप है।
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मुकेश अंबानी - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड ₹2,850 करोड़ में जर्मन फर्म मेट्रो एजी के भारत में थोक कारोबार का अधिग्रहण करेगी। इस अधिग्रहण से रिलायंस के मुखिया अरबपति मुकेश अंबानी भारत के विशाल खुदरा क्षेत्र में अपनी प्रमुख स्थिति को मजबूत करना चाहता है। खबराें के अनुसार इस डील में मुकेश अंबानी की बेटी ईशा अंबानी ने अहम भूमिका निभाई है। रिलायंस इंस्ट्रीज की सब्सिडियरी आरआरवीएल (रिलायंस रिटेल वेंचर्स लिमिटेड) ने 100 प्रतिशत हिस्सेदारी की खरीदारी के लिए मेट्रो कैश एंड कैरी इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के साथ समझौते पर हस्ताक्षरण  किया है। यह डील 2850 करोड़ रुपये में की गई है। 

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# जर्मन फर्म मेट्रो एजी ने 2003 में भारत में शुरू किया था कारोबार

जर्मन कंपनी मेट्रो एजी ने 2003 में कैश-एंड-कैरी बिजनेस फॉर्मेट पेश करने वाली पहली कंपनी के रूप में भारत में कारोबार शुरू किया था। वर्तमान में यह कंपनी लगभग 3,500 कर्मचारियों के साथ 21 शहरों में 31 बड़े प्रारूप स्टोर संचालित करती है। मल्टी-चैनल B2B कैश एंड कैरी होलसेलर के रूप में कंपनी की भारत में 3 मिलियन से अधिक B2B ग्राहकों तक पहुंच है। इनमें से 1 मिलियन ग्राहक अपने स्टोर नेटवर्क और eB2B ऐप के माध्यम से खरीदारी करते हैं। मेट्रो इंडिया ने खुद को किराना और अन्य छोटे व्यवसायों और व्यापारियों के लिए एक विश्वसनीय भागीदार के रूप में स्थापित किया है। वित्तीय वर्ष 2021/22 (सितंबर 2022 को समाप्त वित्तीय वर्ष) में, मेट्रो इंडिया ने ₹7700 करोड़ (€926 मिलियन) की बिक्री की है जो भारतीय बाजार में प्रवेश के बाद से कंपनी का सबसे अच्छा बिक्री प्रदर्शन है।

# मेट्रो इंडिया ने बयान जारी कर साझा की अधिग्रहण की खबर
  

कंपनी  ने एक बयान मे कहा, "इस अधिग्रहण के माध्यम से, रिलायंस रिटेल को भारत के प्रमुख शहरों के प्रमुख स्थानों पर स्थित मेट्रो इंडिया स्टोर्स के एक विस्तृत नेटवर्क तक पहुंच मिलेगी। साथ ही कंपनी को पंजीकृत किराना और अन्य संस्थागत ग्राहकों का एक बड़ा आधार, मजबूत आपूर्तिकर्ता नेटवर्क और मेट्रो इंडिया की ओर से कार्यान्वित कुछ वैश्विक सर्वोत्तम संचालक तकनीक हासिल होंगी। कंपनी ने एक बयान में कहा, यह अधिग्रहण रिलायंस रिटेल के फिजिकल स्टोर फुटप्रिंट और आपूर्ति श्रृंखला नेटवर्क, प्रौद्योगिकी प्लेटफार्मों और सोर्सिंग क्षमताओं में तालमेल और दक्षता का लाभ उठाकर उपभोक्ताओं और छोटे व्यापारियों की बेहतर सेवा करने की क्षमता को और मजबूती प्रदान करेगा।
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# ईशा अंबानी बोलीं- यह अधिग्रहण हमारी वाणिज्यिक रणनीति के अनुरूप

रिलायंस रिटेल वेंचर्स लिमिटेड की निदेशक ईशा अंबानी ने कहा, “मेट्रो इंडिया का अधिग्रहण छोटे व्यापारियों और उद्यमों के साथ सक्रिय सहयोग के माध्यम से साझा समृद्धि का एक अनूठा मॉडल बनाने की हमारी नई वाणिज्य रणनीति के अनुरूप है। मेट्रो इंडिया भारतीय बी2बी बाजार में अग्रणी और प्रमुख खिलाड़ी है और इसने मजबूत ग्राहक अनुभव प्रदान करने वाला एक ठोस मल्टी-चैनल प्लेटफॉर्म बनाया है। हमारा मानना है कि भारतीय व्यापारी/किराना पारिस्थितिकी तंत्र की हमारी गहरी समझ के साथ मेट्रो इंडिया की स्वस्थ संपत्ति भारत में छोटे व्यवसायों को कई अलग तरह के मौके उपलब्ध कराएगी।"

#जियो ने रिलायंस इन्फ्राटेल में 100 फीसदी हिस्सेदारी का अधिग्रहण किया

रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड की सहायक कंपनी रिलायंस प्रोजेक्ट्स एंड प्रॉपर्टी मैनेजमेंट सर्विसेज लिमिटेड (आरपीपीएमएसएल) ने रिलायंस इन्फ्राटेल का अधिग्रहण किया। आरपीपीएमएसएल ने रिलायंस इन्फ्राटेल की 100 प्रतिशत हिस्सेदारी के लिए 3,725 करोड़ रुपये चुकाए हैं। रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड ने गुरुवार को इसकी जानकारी दी। 

जियो ने नवंबर 2019 में रिलायंस कम्युनिकेशंस की कर्ज में डूबी सहायक कंपनी की टावर और फाइबर संपत्ति को हासिल करने के लिए 3,720 करोड़ रुपये की बोली लगाई थी। गौरतलब है कि रिलायंस कम्युनिकेशंस का प्रबंधन मुकेश अंबानी के छोटे भाई अनिल अंबानी के पास था।
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राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) ने नवंबर में आरपीपीएमएसएल को रिलायंस इन्फ्राटेल (आरआईटीएल) के अधिग्रहण के लिए मंजूरी दे दी थी।

 

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