देश का आम बजट 1 फरवरी 2022 को पेश होगा, केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण अपना चौथा बजट पेश करने वाली हैं। अन्य सेक्टर के साथ ही फिनटेक इंडस्ट्री को भी वित्त मंत्री से काफी उम्मीदें हैं। इस क्षेत्र ने बजट में टैक्स में कटौती की मांग की है। इसके साथ ही सेक्टर की ओर से कहा गया है कि वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देने और नकदी पर कम-निर्भर अर्थव्यवस्था की तरफ बढ़ने के लिए वित्तीय और गैर-वित्तीय प्रोत्साहन आवश्यक है।
टीडीएस दरों में कटौती का आग्रह
फिनटेक उद्योग और विशेषज्ञों ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से टीडीएस दरों को कम करने का आग्रह करते हुए कहा कि इस तरह के कदम से सरकारी राजस्व पर कोई असर न पड़ते हुए फिनटेक क्षेत्र के लिए पूंजी उपलब्ध हो सकेगी। विशेषज्ञों ने कहा कि डिजिटल कर्ज प्रदान करने संबंधी अच्छा कारोबारी माहौल सुनिश्चित करने के लिए डिजिटल कर्जदाताओं के लिए योग्यता मानदंड, कम अवधि के कर्ज, कर्ज सेवा प्रदाताओं के साथ साझेदारी दिशा-निर्देश, डाटा गवर्नेंस नियम, पारदर्शिता संबंधी नियम आवश्यक हैं।
साइबर सुरक्षा ढांचे में निवेश जरूरी
बायोकैच के कंट्री हेड विक्रम गिडवानी ने कहा कि भारतीय बैंकिंग और फिनटेक उद्योग एक बड़ी डिजिटल क्रांति के केंद्र में है और नियामकों ने इसकी सहायता के लिए वीडियो केवाईसी आदि जैसे नए नियमों के साथ आने में बहुत अच्छा काम किया है। लेकिन डिजिटलीकरण के साथ साइबर अपराधों में वृद्धि का एक बड़ा खतरा आता है। आगामी बजट में, हम उम्मीद कर रहे हैं कि सरकार एक बजट आवंटित करेगी और देश के साइबर सुरक्षा ढांचे के निर्माण के लिए निवेश करेगी। इसके साथ ही, बीएफएसआई क्षेत्र के लिए अतिरिक्त प्रोत्साहन या एसओपी उपभोक्ताओं की सुरक्षा और गोपनीयता को प्राथमिकता देते हुए इस डिजिटल परिवर्तन को और बढ़ावा देने के लिए प्रस्तावित किया जा सकता है।
अनुकूल वातावरण देने का हो प्रयास
पेवर्ल्ड फिनटेक के सीओओ प्रवीण धाभाई ने कहा कि फिनटेक ने पारदर्शिता, कैशलेस अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने और देश के दूरदराज के कोने-कोने में वंचितों को समय पर भुगतान तक पहुंच को बढ़ावा देने में एक प्रमुख भूमिका निभाई है। यह महत्वपूर्ण 'साझा सेवाओं' में से एक है जो भारतीय कृषि, भारतीय एमएसएमई और अनौपचारिक अर्थव्यवस्था में डिजिटलीकरण को जोड़ने और बढ़ावा देने में मदद करेगी। नए युग के महत्वपूर्ण राष्ट्र निर्माण के लिए 'विशेष प्रावधानों के साथ बुनियादी ढांचे की स्थिति' प्रदान करके रियायती दरों पर वित्त पोषण तक आसान पहुंच और कम कराधान नई और मौजूदा फिनटेक कंपनियों/स्टार्ट अप दोनों के लिए अनुकूल वातावरण प्रदान करना अनिवार्य है।