देश का आम बजट पेश होने में अब कुछ ही समय बाकी रह गया है। आगामी 1 फरवरी 2022 को केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण बजट पेश करेंगी। कोरोना महामारी की तीसरी लहर के बीच पेश किए जाने वाले बजट से देश के करदाताओं समेत अलग-अलग क्षेत्रों को कई उम्मीदें हैं। इनमें रियल एस्टेट सेक्टर भी शामिल है। संभावना जताई जा रही है कि सरकार रियल एस्टेट सेक्टर को बूस्ट देने के लिए होम लोन पर मिलने वानी छूट के दायरे में इजाफा कर सकती है।
रियल एस्टेट क्षेत्र को मिल सकता है बूस्ट
गौरतलब है कि पिछले वित्त वर्ष में पेश किए गए आम बजट में इनकम टैक्स स्लैब में कोई खास बदलाव नहीं किया गया था। एक रिपोर्ट में आधिकारिक सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि इस साल सरकार कई तरह के तोहफे देने के मूड में है। इसके तहत कोरोना महामारी के चलते मंदी की मार झेल रहे रियल एस्टेट और कंस्ट्रक्शन सेक्टर को बूस्ट देने की तैयारी है। इसमें कहा गया कि ऐसी भी उम्मीद है कि होम लोन पर मिलने वाली अतिरिक्त टैक्स छूट का दायरा बढ़ाया जा सकता है। रियल एस्टेट सेक्टर में डिमांड बढ़ाने के लिए सरकार यह बड़ा कदम उठा सकती है।
किफायती घर खरीदारों को मिलेगी राहत
सूत्रों का कहना है कि सरकार बजट 2022 में अफोर्डेबल हाउसिंग के तहत पहली बार घर खरीदने वालों को ब्याज पर मिलने वाली 1.5 लाख रुपये तक की अतिरिक्त छूट को एक साल के लिए बढ़ा सकती है। बता दें, सेक्शन 80ईईए के तहत 45 लाख रुपये तक के मकान पर 1.5 लाख रुपये की होम लोन के ब्याज चुकाने पर अतिरिक्त छूट मिलती है। दरअसल, सरकार ने बजट 2019 में इनकम टैक्स एक्ट में नया सेक्शन 80ईईए जोड़कर होम लोन के ब्याज भुगतान पर 1.5 लाख रुपये तक की अतिरिक्त कटौती के लिए प्रावधान किया था। उस समय इसका फायदा उन्हीं होम बॉयर्स के लिए था, जिन्होंने अप्रैल 2019 से मार्च 2020 के बीच लोन लिया हो, लेकिन, बजट 2020 में इसकी डेडलाइन को एक साल के लिए बढ़ाया गया। यही नहीं बजट 2021 में एक बार फिर इसे एक साल का एक्सटेंशन दे दिया गया था। रिपोर्ट के अनुसार, इसे एक बार फिर से एक साल के लिए बढ़ाया जा सकता है।
रियल एस्टेट क्षेत्र कर रहा ये मांगें
रिपोर्ट के अनुसार, बजट 2022 के लिए अलग-अलग क्षेत्रों से मांगे सरकार के पास आ रही हैं। रियल एस्टेट क्षेत्र की अगर बात करें तो इससे जुड़े संगठनों का कहना है कि इस बजट में अगर लोगों को होम लोन पर छूट, ब्याज सब्सिडी, जीएसटभ् कटौती, रियल एस्टेट को इन्फ्रास्ट्रक्चर सेक्टर का दर्जा देने जैसे कदम उठाए जाते हैं तो यह पूरे हाउसिंग सेक्टर में तेजी लाने वाले कदम साबित हो सकते हैं। फेडरेशन ऑफ इंडियन चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (फिक्की) की ओर से भी यह मांग की गई है कि होम लोन पर मिलने वाली ब्याज सब्सिडी को कुछ समय के लिए और आगे बढ़ाया जाए। अगर सरकार ऐसा करती है तो किफायती घर खरीदारों को राहत मिलने के साथ ही रियल एस्टेट क्षेत्र को भी गति मिल सकती है।
अभी होमलोन पर मिलती है ये छूट
फिलहाल, होम लोन पर विभिन्न् प्रावधानों के तहत लगभग 5 लाख रुपये के भुगतान पर टैक्स छूट मिलती है। जहां इनकम टैक्स के सेक्शन 80सी के तहत 1.5 लाख रुपये तक के लोन प्रिंसिपल अमाउंट पर टैक्स छूट दी जाती है। अफोर्डेबल हाउसिंग के तहत पहला मकान खरीदने वालों को सेक्शन 80ईईए के तहत 45 लाख रुपये तक की कीमत वाले घर के होम लोन ब्याज पर 1.5 लाख रुपये तक अतिरिक्त छूट दी जाती है। इसके साथ ही सेक्शन 80ईई के तहत पहली बार घर खरीदने वालों के लिए होम लोन की ब्याज पर 50,000 की अतिरिक्त टैक्स छूट का प्रावधान है। हालांकि, जो वायर्स 80ईई का फायदा लेते हैं तो उन्हें 80ईईए के तहत मिलने वाली छूट का फायदा नहीं मिलता है।