देश का बजट पेश होने में महज कुछ दिनों का समय बाकी रह गया है। 1 फरवरी 2022 को केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण बजट अपना चौथा बजट पेश करेंगी। एक रिपोर्ट के मुताबिक, इस साल भी वार्षिक बजट हरित होगा। अधिकारियों ने कहा कि बजट दस्तावेज ज्यादातर डिजिटल रूप में उपलब्ध होंगे। भौतिक रूप से इसकी कुछ ही प्रति उपलब्ध होगी।
बजट प्रतियों की छपाई में कटौती
कोविड महामारी की वजह से एशिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के कर प्रस्तावों की प्रस्तुति और वित्तीय विवरण से जुड़े दस्तावेजों की बड़ी संख्या में छपाई इस बार भी नहीं होगी। आमतौर पर बजट दस्तावेज की कई सौ प्रतियों की छपाई होती रही है। मोदी सरकार के सत्ता में आने के बाद से, बजट प्रतियों की छपाई कम होती गई। शुरू में पत्रकारों और बाहरी विश्लेषकों को वितरित की जाने वाली प्रतियों में कमी की गई और फिर महामारी का हवाला देते हुए लोकसभा और राज्यसभा सांसदों को दी जाने वाली प्रति घटाई गईं। इस साल कोविड-19 के नए वैरिएंट ओमिक्रोन को लेकर और भी पाबंदियां लगाई गई हैं। हालांकि, बजट दस्तावेजों के संकलन को डिजिटल रूप देने के लिए कर्मचारियों के एक छोटे समूह को पृथक रहने की जरूरत होगी।
इस बार टाली गई हलवा सेरेमनी
कर्मचारियों के घर-परिवार से अलग रहने और बजट दस्तावेज की छपाई का काम परंपरागत ‘हलवा सेरेमनी’ से शुरू होता रहा है। इस कार्यक्रम में वित्त मंत्री, वित्त राज्य मंत्री और मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी शामिल होते हैं। रिपार्ट में सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि कोरोना के नए ओमिक्रॉन वैरिएंट के प्रकोप के चलते इस बार परंपरागत हलवा सेरेमनी को भी अलविदा कह दिया गया है।
बजट की प्रतियों में होता है ये सब
बजट दस्तावेज में आम तौर पर संसद में किये जाने वाले वित्त मंत्री के भाषण, मुख्य बातें, वार्षिक वित्तीय विवरण, कर प्रस्तावों वाले वित्त विधेयक, वित्तीय विधेयक में प्रावधानों की व्याख्या करने वाला ज्ञापन और वृहत आर्थिक रूपरेखा ब्योरा शामिल होता है। इनमें मध्यम अवधि की राजकोषीय नीति सह राजकोषीय नीति रणनीति बयान, योजनाओं के लिए परिणाम रूपरेखा, सीमा शुल्क अधिसूचना, पिछली बजट घोषणाओं का कार्यान्वयन, प्राप्ति बजट, व्यय बजट और बजट अनुमानों का विवरण भी शामिल होता है।