संसद में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण
केंद्रीय बजट 2021 में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय के लिए 15,700 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, "हमने इस बजट में एमएसएमई क्षेत्र को समर्थन देने के लिए कई कदम उठाए हैं। मैंने पिछले वर्ष के दोगुने से अधिक सेक्टर को 15,700 करोड़ रुपये प्रदान किए हैं।"
एआई और मशीन लर्निंग पर जोर दिया जाएगा। साथ ही छोटी कंपनियों के लिए पेडअप कैपिटल सीमा बढ़ाई जाएगी। कोरोना महामारी के चलते एमएसएमई सेक्टर को काफी नुकसान उठाना पड़ा है। ऐसे में इस सेक्टर को लेकर बजट में बड़ी घोषणा की उम्मीद की भी जा रही थी। अपने भाषण में भी वित्तमंत्री ने ये कहा कि एमएसएमई सेक्टर पर महामारी के चलते काफी प्रभाव पड़ा है। ऐसे में सरकार ने इस सेक्टर के लिए कई घोषणाएं की हैं।
सरकार ने सोमवार को कहा कि लघु उद्योगों की परिभाषा में संशोधन किया जाएगा और इनके मौजूदा 50 लाख रुपये के पूंजी आधार को बढ़ाकर दो करोड़ रुपये किया जाएगा। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 2021-22 के आम बजट में वित्तीय उत्पादों के लिए निवेशक चार्टर शुरू करने का प्रस्ताव भी रखा। उन्होंने कहा कि बैंकों की फंसे कर्ज की समस्याओं से निपटने के लिए एक परिसंपत्ति पुनर्निर्माण और प्रबंधन कंपनी स्थापित की जाएगी, वहीं नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (एनसीएलटी) की रूपरेखा को मजबूत किया जाएगा।
एमएसएमई में बजट 2020 की घोषणाएं और लाभ
निर्मला सीतारमण ने 2020 के बजट में घोषणा की थी कि इंडस्ट्री, कॉमर्स के विस्तार के लिए 27300 करोड़ रुपये दिए जाएंगे। इससे इस सेक्टर को नई ताकत मिली। वहीं एमएसएमई को देरी से होने वाले पेमेंट रोकने के लिए ऐप बेस्ड इनवॉयस बनाने की बात हुई। सरकार एक 'निर्विक' ( निर्यात ऋण विकास योजना) योजना ले आई। इसके तहत निवेशकों को लोन देने की बात कही गई। साथ ही इस योजना में 90 फीसदी तक इंश्योरेंस दिया गया।