केवल छह दिन बाद वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आम बजट को लोकसभा में पेश करेंगी। इसके लिए वित्त मंत्री खुद लोगों से मिलकर बजट को लेकर के उनके फीडबैक ले रही हैं। चाहे ऑटो इंडस्ट्री हो या फिर स्टार्टअप अथवा मैन्युफैक्चरिंग हर किसी को बजट से काफी उम्मीदें हैं।
ओलेक्ट्रा ग्रीनटेक के एग्जिक्यूटिव निदेशक एन नागासत्यम ने कहा कि सरकार को इलेक्ट्रिक व्हीकल इंडस्ट्री का सहयोग करना चाहिए। हमें सरकार से उम्मीद है कि ईवी को प्राथमिकता के आधार पर खरीदने, बेचने और बनाने के लिए लोन मिलना चाहिए। इससे इलेक्ट्रिक व्हीकल लोगों के लिए खरीदना काफी सस्ता हो जाएगा।
सेंचुरी मैटरेसेस के सीईओ उत्तम मलानी ने कहा कि फिलहाल देश की अर्थव्यवस्था धीमी गति में है। सरकार को इसमें तेजी लाने के लिए पहल करनी चाहिए। हाउसिंग, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे सेक्टर में सरकार का फोकस रहना चाहिए। इसके साथ ही पॉलिसी ऐसी बननी चाहिए जो लंबे समय तक टिकी रहें ताकि रोजगार के ज्यादा अवसर मौजूद हों। वहीं इसके साथ ही पर्यावरण को बचाने में भी पहल करना चाहिए।
स्वास्थ्य सेवा से जुड़ी स्टार्टअप कंपनी कॉलहेल्थ के सीईओ हरि थालापल्ली ने कहा कि सरकार हेल्थ टेक कंपनियों की मदद करें, क्योंकि सरकार और पीएम का लक्ष्य है सबके लिए स्वास्थ्य। हेल्थ टेक कंपनियों को मदद मिलने से लोगों को सस्ती दर पर अच्छा स्वास्थ्य मिलने की उम्मीद है। ऐसे में ई-फॉर्मेसी, मरीजों की रिमोट मॉनिटरिंग, डिजिटल प्रेस्क्रिप्शन और वीडियो के जरिए सलाह आसानी से मिल सकेगी।
फ्रेयर एनर्जी की सह संस्थापिका और निदेशिका राधिका चौधरी ने कहा कि सरकार को इस बार के बजट में सौर उर्जा को बढ़ावा देने के लिए आयकर में छूट देनी चाहिए। ऐसा होने पर इसका फायदा सभी वर्ग के लोगों को मिलेगा। ऐसा इसलिए क्योंकि अभी इस तरह का लाभ नहीं मिलता है। इसके साथ ही फैक्ट्री और कार्यालयों में सौर उर्जा का प्रयोग करना जरूरी किया जाए।
मोबाइल ऐसेसरीज बनाने वाली कंपनी पीट्रॉन के सह-संस्थापक और सीईओ अमीन ख्वाजा ने कहा कि आगामी बजट में सरकार से उम्मीद है कि स्थानीय मैन्युफैक्चरिंग और टैक्स रिफॉर्म को बढ़ावा देगी। इसके साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में कौशल विकास करने की घोषणा करेगी ताकि रोजगार का सृजन हो सके। इससे वहां पर भी खपत बढ़ेगी जो कि काफी कम हो गई है।
बजट 2019: बचा है सिर्फ एक दिन, वित्त मंत्री से यह है आस
स्वास्थ्य सेवा से जुड़ी एक और स्टार्टअप कंपनी डॉकऑनलाइन के सीईओ राहुल पैठ ने कहा कि केंद्र सरकार को आयुष्मान भारत योजना को पीपीपी मॉडल पर लाना चाहिए। इसके साथ ही जीएसटी का लाभ स्टार्टअप और हेल्थकेयर सेक्टर को मिलना चाहिए। सरकार को स्टार्टअप पर लगने वाले एंजेल टैक्स को भी खत्म कर देना चाहिए ताकि इन कंपनियों को और निवेश मिल सके।