ब्रिक्स देशों द्वारा स्थापित नव विकास बैंक (एनडीबी) कोरोना वायरस महामारी से उत्पन्न संकट के बीच सदस्य देशों की अर्थव्यवस्थाओं को समर्थन देने के लिए 15 अरब डॉलर की राशि आवंटित करेगा।
रूस के विदेश मंत्री ने मंगलवार को यह जानकारी दी। ब्रिक्स देशों - ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका के विदेश मंत्रियों की कोरोना वायरस को लेकर हुई बैठक के बाद रूस के विदेश मंत्री सेर्गेई लावराव ने कहा कि, 'हमारा मानना है कि हमारे देशों की अर्थव्यवस्था संकट की स्थिति से बाहर निकलने को कोशिश कर रही है, आर्थिक गतिविधियों को शुरू करने जा रही है। ऐसे में यह बहुत अच्छी मदद होगी।'
कोरोना से पूरी दुनिया को झटका
कोरोना वायरस महामारी पूरी दुनिया के लिए बड़ा झटका लेकर आई है। पूरी दुनिया की सरकारें इस झटके को हल्का करने के लिए कई तरह के उपाय कर रही हैं। लावराव ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय को इस मामले में एकजुट होकर यह सुनिश्चित करना चाहिए कि हमारे इन प्रयासों के हमारे नागरिकों और हमारे देशों के लिए बहुत सकारात्मक परिणाम सामने आएं।
संयुक्त राष्ट्र के प्रतिकूल हैं प्रतिबंध
उन्होंने कहा कि इन प्रयासों को देशों पर प्रतिबंध लगाकर कमजोर किया जा रहा है इन प्रतिबंधों को हटाया जाना चाहिए। लेवरोव ने कहा, 'इस मामले में हम संयुक्त राष्ट्र महासिचव और संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त की इस अपील का समर्थन करते हैं कि इन एक तरफा लगाए गए प्रतिबंधों को कम से कम निलंबित कर दिया जाना चाहिए और सबसे बेहतर होगा कि हटा लिया जाना चाहिए। ये प्रतिबंध संयुक्त राष्ट्र के प्रतिकूल हैं।'
रुस द्वारा यूक्रेन के क्रीमिया को 2014 में कब्जे में कर लेने की प्रतिक्रिया स्वरूप अमेरिका और यूरोपीय संघ ने रूस पर प्रतिबंध लगा रखे हैं। इन प्रतिबंधों की वजह से रूस की वैश्विक वित्तीय बाजारों तक पहुंच सीमित कर दी गई और पश्चिमी प्रौद्योगिकी हस्तांतरण को भी रोक लगादी गई। रूस ने इसके जवाब में ज्यादातर पश्चिमी कृषि उत्पादों के आयात पर रोक लगाई है।