ब्रिक्स देशों द्वारा बनाए नव विकास बैंक (एनडीबी) ने यूक्रेन संकट के बीच एक बड़ा कदम उठाया है। दरअसल, बैंक ने युद्ध से पैदा हुई अनिश्चितताओें और पाबंदियों का हवाला देते हुए रूस में सभी नए लेन-देन पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है।
एनडीबी ने जारी किया ये बयान
एनडीबी ने कहा कि बैंक एक अंतरराष्ट्रीय संस्था के तौर पर उच्चतम अनुपालन मानकों के अनुरूप अपना कारोबार जारी रखेगा। गौरतलब है कि एनडीबी का गठन ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका के समूह ब्रिक्स ने ढांचागत एवं टिकाऊ विकास परियोजनओं के लिए धन जुटाने के लिए किया था। यह बैंक ब्रिक्स देशों के साथ अन्य उभरते विकासशील अर्थव्यवस्थाओें के लिए भी मदद मुहैया कराता है।
एआईआईबी ने भी रोकीं परियोजनाएं
एनडीबी ने ये एलान एशियाई बुनियादी ढांचा निवेश बैंक (एआईआईबी) के रूस और बेलारूस पर पाबंदिया लगाए जाने के एक दिन बाद किया। गुरुवार को एनडीबी की वेबसाइट पर जारी बयान में इसकी जानकारी देते हुए कहा गया कि मौजूदा हालात को देखते हुए रूस में नए लेन-देन को रोक दिया गया है। चीन स्थित एआईआईबी ने यूक्रेन संकट को देखते हुए रूस और उसके करीबी देश बेलारूस में अपनी सभी परियोजनाओं को रोकने की घोषणा की थी।
रूस-यूक्रेन के हालातों पर नजर
बता दें कि भारतीय रिजर्व बैंक के पूर्व गवर्नर ऊर्जित पटेल एआईआईबी के उपाध्यक्ष (निवेश परिचालन) हैं, जबकि इसके प्रमुख चीन के पूर्व वित्त मंत्री जिन लिकुन हैं। बैंक की ओर से रूस-बेलारूस में कई परियोजनाओं को वित्त मुहैया कराया गया है। बैंक की वेबसाइट पर पोस्ट बयान में एआईआईबी ने कहा है कि हमारा बैंक सक्रिय रूप से स्थिति की निगरानी कर रहा है और मौजूदा हालात में बैंक की वित्तीय शुद्धता को बनाए रखने के लिए रूस और बेलारूस से संबंधित सभी गतिविधियों को स्थगित करने के साथ ही इसका आकलन करने का निर्णय लिया गया है।