उज्जवला स्कीम के तहत मिलने वाले मुफ्त रसोई गैस (एलपीजी) कनेक्शन का दायरा सरकार बढ़ाने जा रही है। सरकार जल्द ही अब राशन कार्ड धारकों को भी इस योजना के दायरे में लेकर आएगी। अभी फिलहाल इस योजना के तहत केवल आधार कार्ड धारक और गरीबी रेखा से नीचे (बीपीएल) जीवन यापन करने वालों को मुफ्त गैस कनेक्शन मिलता था।
9.27 करोड़ लोगों को मिलेगा लाभ
केंद्र सरकार के इस फैसले से करीब 9.27 करोड़ बीपीएल राशन कार्ड धारकों को लाभ मिलेगा। ऐसे लोगों को केवल एक सेल्फ डिक्लेरेशन लिखकर देना होगा कि वो वास्तव में गरीब हैं और उन्हें इस योजना में शामिल कर लिया जाएगा।
देश में 5.8 करोड़ लोगों को मिला कनेक्शन
अभी तक उज्जवला योजना में करीब 5.8 करोड़ लोगों को मुफ्त गैस कनेक्शन मिल चुका है। पहले इसके लिए केवल आधार कार्ड वालों को इस योजना में शामिल किया गया था, लेकिन अब इसका आधार बढ़ाया जा रहा है ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों को इसका लाभ मिल सके। फिलहाल देश भर के 90 फीसदी लोगों के पास एलपीजी कनेक्शन है।
उज्ज्वला के तहत एलपीजी रिफिल की संख्या बढ़ी
उज्ज्वला योजना में जिन्हें गैस कनेक्शन मिला है, वे रिफिल भी भरवाने लगे हैं। अब उनका वार्षिक रिफिल का औसत चार सिलेंडर हो गया है। गौरतलब है कि विपक्षी दलों ने सरकार पर आरोप लगाया था कि उन्होंने उज्ज्वला योजना में भले ही फ्री में गैस कनेक्शन दे दिया हो, लेकिन वे एक बार सिलेंडर खत्म होने के बाद रिफिल नहीं ले रहे हैं, बल्कि फिर पुराने तरीके से ही खाना बनाने लगे हैं। प्रधान का कहना है कि गरीबी रेखा के नीचे रहने वाले परिवार में सिलेंडर का खपत कम है, इसलिए वे रिफिल भी कम ही ले रहे हैं। तब भी वे साल में औसतन चार रिफिल सिलेंडर ले रहे हैं।
100 नए बॉटलिंग प्लांट लगेंगे
देश भर के सभी घरों में एलपीजी कनेक्शन होगा, तो रिफिल सिलेंडरों की मांग बढ़ेगी। इससे निबटने के लिए 100 और बॉटलिंग प्लांट लगाए जाएंगे। इस समय तीनों सरकारी तेल विपणन कंपनियों के 190 बॉटलिंग प्लांट काम कर रहे हैं। वर्तमान में देश में करीब 19,000 एलपीजी वितरक हैं, इनकी संख्या बढ़ाकर 25,000 की जाएगी। इतनी मांग पूरी करने के लिए एलपीजी का आयात भी बढ़ाना होगा और आयातित एलपीजी के सस्ते परिवहन का भी इंतजाम करना होगा।
इसके लिए कुछ नए एलपीजी टर्मिनल बनाए जा रहे हैं, जबकि कांडला से गोरखपुर तक करीब ढाई हजार किलोमीटर का एलपीजी पाइपलाइन भी तैयार किया जा रहा है। इससे आयातित एलपीजी सस्ते में बॉटलिंग प्लांटों तक पहुंच जाएगी।