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Boeing: पिछले साल हर महीने ₹8607 करोड़ गंवाने वाली कंपनी के लिए एअर इंडिया हादसा कितना बड़ा झटका? जानिए सबकुछ

Sat, 14 Jun 2025 04:14 PM IST
कुमार विवेक बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Ahmedabad Plane Crash: अहमदाबाद में गुरुवार को हुए दुखद एअर इंडिया विमान हादसे से पहले बोइंग का ड्रीमलाइनर विमान अंतरमहाद्वीपीय यात्रा का मुख्य आधार था। इसका सुरक्षा रिकॉर्ड भी शानदार था। हालांकि, ड्रीमलाइनर हादसे के बाद इसे बनाने बनाने वाली कंपनी बोइंग एक फिर बैकफुट पर आ गई है, आइए इस बारे में विस्तार से जानते हैं।
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अहमदाबाद बोइंग विमान हादसा - फोटो : amarujala.com
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विस्तार
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बोइंग ने पिछले महीने ही अपने 787 ड्रीमलाइनर विमान पर अपने एक अरबवें यात्री को सफर करवाने का जश्न मनाया। यह एक प्रभावशाली उपलब्धि है, क्योंकि इसे लॉन्च हुए सिर्फ 14 साल हुए हैं। अहमदाबाद में गुरुवार को हुए दुखद एअर इंडिया विमान हादसे से पहले यह मॉडल अंतरमहाद्वीपीय यात्रा का मुख्य आधार था। इसका सुरक्षा रिकॉर्ड भी शानदार था। लेकिन ड्रीमलाइनर हादसे ने पिछले साल अलग-अलग विवादों के कारण हर महीने करीब एक अरब डॉलर (रुपये में करीब 8607 करोड़) का नुकसान झेलने वाली कंपनी के लिए नई चुनौतियां पेश की है।

विमान की बनावट में गड़बड़ी के कारण पूर्व में भी हो चुके हैं हादसे

बोइंग का ड्रीमलाइनर विमान उस बोइंग 737 मैक्स से अलग है, जो इंडोनेशिया और इथियोपिया में हुए दर्दनाक हादसों के कारण पूर्व में सुर्खियों में रहा है। इन हादसों में क्रमशः 2018 और 2019 में सैकड़ों लोग मारे गए थे। बाद की जांच में पाया गया था कि इन घटनाओं का कारण विमान के सॉफ्टवेयर में आई खराबी थी। यह जानकारी सामने आने के बाद इस मॉडल को दुनियाभर में 18 महीने के लिए प्रतिबंधित कर दिया गया था।

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अहमदाबाद में विमान हादसा। - फोटो : पीटीआई
भारत में हुए बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर विमान हादसे की बात करें तो अभी तक इस मामले में बोइंग की तरफ से कोई गलती होने के कोई संकेत नहीं मिले हैं। बोइंग की गलती थी या नहीं इसकी पुष्टि हादसे के बाद चल रही जांचों के निष्कर्ष के आधार पर ही हो पाएगी। विमान का ब्लैक बॉक्स जिसमें उड़ान की महत्वपूर्ण जानकारियां सेव रहती हैं, बरामद हो गया है और इसकी पड़ताल के बाद हादसे कारणों की पूरी तस्वीर सामने आएगी। 

अहमदाबाद हादसे में बोइंग की गड़बड़ी सामने आई तो बढ़ेगी परेशानी

अहमदाबाद में हुई दुर्घटना के कारणों के बारे में अलग-अलग अटकलें लग रही हैं, लेकिन विमानन उद्योग से जुड़े विशेषज्ञ मानते हैं कि आजकल निर्माता की गलती के कारण घातक दुर्घटना होना दुर्लभ है। हालांकि उनका मानना है कि बोइंग 737 मैक्स विमान के हादसों के बाद इसकी पूरी तरह से गारंटी नहीं दी जा सकती कि विमान निर्माता हादसे के लिए कतई जिम्मेदार नहीं हो सकता। हलांकि कुछ मामलों में दुर्घटनाएं कॉकपिट में हुई मानवीय भूल के कारण भी हुई हैं।

विमान निर्माण उद्योग पर बोइंग और एयरबस का कब्जा

फिलहाल विमानन उद्योग की बात करें तो यह एक बात तय है कि जब आप वाणिज्यिक उड़ान भरते हैं, तो आप लगभग हमेशा या तो बोइंग या एयरबस मॉडल के विमान का ही इस्तेमाल करते हैं। क्योंकि पूरे विमान निर्माण उद्योग पर इन्हीं दो कंपनियों का प्रभावी रूप से दबदबा है। अब बोइंग का नाम एक बार फिर एक दिल दहला देने वाले हादसे से जुड़ गया है।

 
हादसे के बाद बोइंग की मुख्य के कार्यकारी केली ऑर्टबर्ग ने कंपनी की ओर से उड़ान के यात्रियों और चालक दल के प्रियजनों के प्रति "गहरी संवेदनाएं व्यक्त की हैं। उन्होने कहा है कि बोइंग भारत के विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (IAAIB) के नेतृत्व में हादसे की तहत क पहुचंने में पूरी मदद करेगी। की। गुरुवार को विमान हादसे अमेरिकी शेयर बाजार में बोइंग के शेयरों में करीब 5% की गिरावट दर्ज की गई। 

पिछले वर्ष बोइंग को सुरक्षा संकट, गुणवत्ता नियंत्रण के मुद्दों के साथ-साथ सात हफ्ते तक चली श्रमिकों की हड़ताल के कारण हर महीने लगभग एक अरब डॉलर का नुकसान उठाना पड़ा था। ऐसे नाजुक मौके पर अहमदाबाद विमान हादसा कंपनी कं लिए किसी नए झटके से कम नहीं है।

अहमदाबाद विमान हादसे के बाद की स्थिति; विमान हादसे के दौरान की तस्वीर (दाएं ऊपर) - फोटो : PTI
2024 में अलास्का एयरलाइंस की उड़ान के दौरान बीच में ही विमान का एक दरवाजा टूट गया था, जिसके बाद बोइंग को 160 मिलियन डॉलर (£126m) का मुआवजा देना पड़ा था। इससे पहले, कंपनी को अपने 737 मैक्स बेड़े के लंबे समय तक उड़ान न भरने के कारण हुई वित्तीय क्षति के लिए साउथवेस्ट एयरलाइंस को भी 428 मिलियन डॉलर का हर्जाना चुकाना पड़ा था। गंभीर वित्तीय चुनौतियों के बीच बोइंग को अपने सुरक्षा उपायों पर भी गंभीर सवालों का सामना करना पड़ा है। हालांकि, अप्रैल में, कंपनी ने कहा कि "सुरक्षा और गुणवत्ता पर हमारी ओर से निरंतर ध्यान दिए जाने के कारण कंपनी का परिचालन और सुरक्षा उपाय बेहतर हुए हैं। सुरक्षा उपायों का मतलब उस प्रक्रिया से है, जिसके जरिए विमानों बड़े पैमाने पर सुरक्षित विनिर्माण संभव हो पाता है।

अहमदाबाद विमान हादसा - फोटो : ANI
2019 में, कंपनी के एक पूर्व कर्मचारी ने बीबीसी को बताया था कि दबाव में कर्मचारी जानबूझकर उत्पादन लाइन पर विमानों में घटिया स्तर के पुर्जे फिट कर रहे थे। उसके बाद जॉन बार्नेट, नाम के उस कर्मचारियों ने, जिन्होंने बोइंग में 30 से अधिक वर्षों तक क्वालिटी कंट्रोल मैनेजर के रूप में काम किया था, ने पिछले साल मार्च में आत्महत्या कर ली थी। बोइंग ने अपने पूर्व कर्मचारियों के दावों का हमेशा खंडन किया है। 

कंपनी में सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर कर्मचारी भी उठा चुके हैं सवाल

इंजीनियर सैम सालेहपुर नामक एक अन्य व्हीसलब्लोअर अमेरिका के कुछ राजनेताओं के पैनल को को बताया था कि बोइंग विमानों की सुरक्षा के बारे में चिंता जताने के बाद उन्हें परेशान किया गया और धमकाया गया। हालांकि बोइंग ने अपनी सफाई में बताया था कि कंपनी के वर्क कल्चर में प्रतिशोध "सख्ती से प्रतिबंधित" है। कंपनी ने बताया कि पिछले साल जनवरी से कर्मचारियों की की ओर से की गई शिकायतों में "500% से अधिक की वृद्धि" देखी गई है जो एक मजबूत वर्क कल्चर का संकेत है। कर्मचारियों में किसी भी तरह से बदला लिए जाने का डर नहीं है।

अहमदाबाद में विमान हादसा - फोटो : PTI
बोइंग इंडोनेशिया और इथियोपिया में हुई दुर्घटनाओं जुड़ी कानूनी लड़ाइयों में भी उलझी हुई है। हालांकि, पिछले महीने, कंपनी अमेरिकी न्याय विभाग (DoJ) के साथ समझौता करके आपराधिक अपने देश में एक और गंभीर मुकदमे से बाल-बाल बच गई। यह मामला उड़ान के दौरान विमान का दरवाजा टूटने से जुड़ा था। 

पिछले साल अमेरिका में हर्जाना चुकाकर मुकदमे से बचा था बोइंग

अस मामले में पीड़ितों के परिवारों के प्रति निराश करते हुए न्याय विभाग ने कहा कि बोइंग अमेरिकी संघीय विमानन प्रशासन की जांच में "बाधा डालने और बाधा डालने की साजिश" की बात स्वीकार कर रहा है और उसे इसके एवज में 1.1 अरब डॉलर से अधिक का जुर्माना चुकाना पड़ेगा।
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अहमदाबाद विमान हादसा - फोटो : पीटीआई

एक के बाद एक कई विवादों के कारण शीर्ष नेतृत्व में हुआ फेरबदल

बोइंग की चुनौतियों को देखते हुए, इसमें कोई आश्चर्य की बात नहीं है कि पिछले कुछ वर्षों में कंपनी की शीर्ष कार्यकारी टीम में भी काफी महत्वपूर्ण बदलाव हुए हैं। इसके नए बॉस, केली ऑर्टबर्ग, बीमार कंपनी को फिर से पटरी पर लाने के लिए एक वर्ष पहले रिटायरमेंट से वापस काम पर लौटे। उन्होंने बोइंग में सुरक्षा से जुड़ी संस्कृति में सुधार का वादा किया है। उन्होंने हाल ही में भरोसा जताया है कि विमानन क्षेत्र की यह दिग्गज कंपनी जल्द ही फिर से मुनाफे में लौटेगी। हालांकि, अहमदाबाद में हुआ भीषण विमान हादसा कंपनी की भविष्य की तैयारियों की राह में फिर से रोड़ा पैदा कर सकता है। आने वाले समय में बोइंग के लिए हालात क्या बनेंगे, यह जानने के लिए हमें एअर इंडिया विमान हादसे का कारण सामने आने का इंतजार करना पड़ेगा।
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