विमान बनाने वाली कंपनी बोइंग के दो 737 मैक्स विमानों के दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद पूरे विश्व में इनका परिचालन रोक दिया गया था। अब इसका फॉल्टी सॉफ्टवेयर तैयार करने में एचसीएल भी फंस गई है। ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी जांच एजेंसियों ने इस बात का खुलासा किया है।
बोइंग ने इन विमानों का सॉफ्टवेयर तैयार करने के लिए पूरा प्रोग्राम एचसीएल को आउटसोर्स कर दिया था। एचसीएल ने इसे तैयार करने के लिए 620 रुपये प्रति घंटे के हिसाब ऐसे इंजीनियरों को रखा जिन्हें हवाई जहाज के बारे में न के बराबर जानकारी थी। इसलिए यह लोग मैक्स में लगे सिम्युलेटर सॉफ्टवेयर का कोड भी सही तरीके से तैयार नहीं कर पाए।
एचसीएल ने जिन इंजीनियर्स से फ्लाइट डिस्पले सॉफ्टवेयर को तैयार कराया, उनके सीवी सोशल मीडिया पर थे। ऐसे लोगों को ठेके पर रख कर यह काम कराया गया। हालांकि रिपोर्ट का खुलासा होने के बाद बोइंग और एचसीएल ने सभी तरह के आरोपों को बेबुनियाद बताया है।