BMC Covid Scam: प्रवर्तन निदेशालय ने बताया है कि जायसवाल को पूछताछ के लिए आज ईडी के सामने पेश होने के लिए कहा गया है। ईडी ने उन्हें पहले भी पूछताछ के लिए बुलाया था, लेकिन संजीव जायसवाल ईडी के सामने पेश नहीं हुए थे।
बीएमसी कोविड घोटाला मामले में केंद्रीय एजेंसी प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने आईएएस अधिकारी संजीव जायसवाल को तलब किया। जांच एजेंसी ने जानकारी देते हुए कहा है कि जायसवाल को पूछताछ के लिए ईडी के सामने पेश होने के लिए कहा गया। ईडी ने उन्हें पहले भी पूछताछ के लिए बुलाया था, लेकिन संजीव जायसवाल ईडी के सामने पेश नहीं हुए थे। बीएमसी कोविड घोटाला मामले में अब तक 8 लोगों ने अपने बयान दर्ज कराए हैं।
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समन के बाद संजीव जयसवाल शुक्रवार को प्रवर्तन निदेशालय के सामने पेश हुए। उन्हें सुबह करीब 11.30 बजे दक्षिण मुंबई के बैलार्ड एस्टेट स्थित ईडी कार्यालय में प्रवेश करते देखा गया। 10 घंटे बाद उन्हें रात करीब 9.45 बजे वहां से निकलते देखा गया।
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उन्होंने निकलते वक्त कहा कि उन्होंने जांच में पूरा सहयोग किया और सभी सवालों के जवाब दिए। जयसवाल ने कहा कि अभी तक उन्हें ईडी ने दोबारा नहीं बुलाया है, लेकिन जरूरत पड़ने पर वह उपस्थित रहेंगे।वह खराब स्वास्थ्य के कारण पहले एजेंसी के सामने पेश नहीं हो सके थे।
आईएएस अधिकारी ने बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) में अतिरिक्त आयुक्त के तौर पर काम किया था। केंद्रीय एजेंसी ने 21 जून को शहर में 15 स्थानों पर छापेमारी की थी। अधिकारियों ने बताया था कि ईडी ने उन छापों के दौरान लगभग 2.4 करोड़ रुपये के आभूषण, 68 लाख रुपये नकद और संपत्ति से संबंधित दस्तावेज बरामद किए थे।
पिछले हफ्ते ईडी की छापेमारी व्यवसायी सुजीत पाटकर के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग मामले में मुंबई में की गई थी, जो शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत के करीबी सहयोगी माने जाते हैं। पाटकर और उनके तीन साझेदारों पर फर्जी तरीके से कोविड-19 फील्ड अस्पतालों के प्रबंधन के लिए बीएमसी अनुबंध हासिल करने का आरोप लगाया गया है।
इससे पहले 26 जून को मामले के संबंध में एजेंसी ने शिवसेना (यूबीटी) पदाधिकारी सूरज चव्हाण से आठ घंटे से अधिक समय तक पूछताछ की थी। चव्हाण अपने सोशल मीडिया हैंडल पर खुद को पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना के सचिव और इसकी युवा शाखा युवा सेना की कोर कमेटी के सदस्य के रूप में बताते हैं।