पूर्व केंद्रीय वित्त मंत्री पी चिदंबरम मोदी सरकार की आर्थिक नीतियों को लेकर काफी आलोचना करते हैं। चिदंबरम ने बुधवार को भारत की आर्थिक विकास दर पर अपनी तीखी टिप्पणी थी इसके बाद भाजपा आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने बुधवार को कहा कि कांग्रेस नेता जानबूझकर झूठ बोल रहे हैं।
अमित मालवीय ने ट्वीट कर कहा कि पी चिदंबरम या तो आपको कुछ पता नहीं है या जानबूझकर झूठ बोल रहे हैं। उन्होंने कहा कि विश्व बैंक (इंडिया डेवलपमेंट अपडेट दिनांक 1 अप्रैल, 2023) की रिपोर्ट, जिसमें आपने वैश्विक मंदी की स्थिति में भी भारत के विकास के लचीलेपन के बारे में बात की है। उन्होंने एक आर्टिकल का फोटो शेयर करते हुए भारत की आर्थिक विकास दर 7.7 फीसदी बढ़ते हुए दिखाई।
पी. चिदंबरम ने सरकार पर लगाए थे आरोप
पी. चिदंबरम ने ट्वीट करते हुए लिखा कि 'माननीय वित्त मंत्री कह रही हैं कि संसद में बजट पर कोई चर्चा नहीं हुई लेकिन बजट को बिना चर्चा के मंजूर करने के लिए कौन जिम्मेदार है? भारत के संसदीय इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ है कि सत्ता पक्ष ने हंगामा किया और संसद में चर्चा नहीं होने दी।' एक अन्य ट्वीट में पूर्व वित्त मंत्री ने लिखा कि 'वर्ल्ड बैंक के अनुसार, मोदी सरकार की पांच साल (2019-24) की औसत विकास दर 4.08 प्रतिशत रहेगी। यहां तक कि कोरोना प्रभावित साल के बाद से लगातार वार्षिक विकास दर में गिरावट का रुझान दिख रहा है और सिर्फ सरकार ही विकास दर को लेकर शेखी बघार रही है।'
इसका जवाब देते हुए भाजपा आईटी सेल के प्रमुख मालवीय ने ट्वीट कर कहा कि कांग्रेस ने पूरे सत्र को नारेबाजी करने और तख्तियां ले जाने में बर्बाद कर दिया। उन्होंने आगे कहा कि राज्यसभा अध्यक्ष रिकॉर्ड में कह रहे हैं कि 10 घंटे वित्त विधेयक पर चर्चा के लिए थे। लोकसभा में, कांग्रेस माननीय अध्यक्ष पर कागज फेंक रही थी। क्या इस तरह कांग्रेस बहस चाहती थी? कमाल है, दोगलापन...
सत्ता और विपक्ष के हंगामे के चलते बजट सत्र के दूसरे चरण में सदन का कार्यवाही नहीं चल पाई। इस पर मंगलवार को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने एक बयान में संसद में बजट पर चर्चा ना होने पर नाराजगी जताई थी। उन्होंने कहा कि उन्हें बहुत दुख हो रहा है कि संसद में बजट पर चर्चा नहीं हुई, अगर चर्चा हुई होती तो उन्हें अर्थव्यवस्था के कई सकारात्मक पहलुओं को बताने का मौका मिलता।