शेयर बाजार में हाल के आईपीओ से जुड़ा एक अहम चरण अब सामने आने वाला है। नुवामा की एक रिपोर्ट के मुताबिक, जनवरी से अप्रैल 2026 के बीच करीब 45 अरब डॉलर (लगभग 45 अरब डॉलर) मूल्य के IPO शेयरों का लॉक-इन पीरियड समाप्त होने जा रहा है। यह वह अवधि होती है, जिसमें लिस्टिंग से पहले के शेयरधारकों को अपने शेयर बेचने की अनुमति नहीं होती। रिपोर्ट के अनुसार, 6 जनवरी 2026 से 30 अप्रैल 2026 के बीच कुल 96 कंपनियों में प्री-लिस्टिंग शेयरधारकों का लॉक-इन खत्म होगा। इस दौरान जिन शेयरों पर लॉक-इन खुलेगा, उनकी कुल वैल्यू करीब 45 अरब डॉलर आंकी गई है। हालांकि, नुवामा ने यह भी स्पष्ट किया है कि लॉक-इन खत्म होने का मतलब यह नहीं है कि ये सभी शेयर तुरंत बाजार में बिकने आ जाएंगे। इनमें से बड़ी हिस्सेदारी अब भी प्रमोटर्स और प्रमोटर ग्रुप की कंपनियों के पास है, जो आमतौर पर लंबी अवधि के निवेशक बने रहते हैं।