अप्रैल में 64,600 अमेरिकी डॉलर (48.5 लाख रुपये) तक पहुंचने के बाद दुनिया की सबसे बड़ी और लोकप्रिय क्रिप्टोकरेंसी, बिटक्वाइन की कीमत में भारी गिरावट देखने को मिली। चीन द्वारा क्रिप्टोकरेंसी को लेकर उठाए गए कदमों की वजह से बिटक्वाइन का दाम पिछले पांच महीने के निचले स्तर पर पहुंच चुका है। बिटक्वाइन जनवरी के बाद पहली बार औंधे मुंह गिरकर 30,000 डॉलर के नीचे आ गया।
मौजूदा समय में बिटक्वाइन 33,850.82 डॉलर का चल रहा है। यानी भारतीय रुपयों के हिसाब से एक बिटक्वाइन की कीमत करीब 35 लाख रुपये है। मालूम हो कि बिटक्वाइन क्रिप्टोकरेंसी की ऑलटाइम हाई कीमत 64,829.14 डॉलर रही है। बाजार पूंजीकरण की बात करें तो यह आज 1.34 लाख करोड़ डॉलर है, जो पिछले दिन की तुलना में 2.53 फीसदी ज्यादा है। इसके अलावा टोटल क्रिप्टो मार्केट वॉल्युम पिछले 24 घंटे में 148.92 अरब डॉलर रहा है जोकि 9.37 फीसदी ज्यादा है।
अन्य क्रिप्टोकरेंसी की कीमत
इथेरियम - 2000.41 डॉलर
डॉजक्वाइन - 0.211 डॉलर
बाइनेंस क्वाइन - 284.86 डॉलर
टेथर- 1.00 डॉलर
स्रोत: coinmarketcap.com
इसलिए आई गिरावट
दरअसल, चीन के सेंट्रल बैंक ने सोमवार को कुछ बैंकों और पेमेंट फर्मों को क्रिप्टोकरेंसी ट्रेडिंग पर कड़ाई करने का आदेश दिया था। इसके बाद ही क्रिप्टोकरेंसी में गिरावट आई हैृ। चीन के सेंट्रल बैंक यानी पीपुल्स बैंक ऑफ चाइन के बयान के तुरंत बाद ही बिटक्वाइन का भाव दो सप्ताह के निचले स्तर पर फिसल गया था। इसके बाद इसमें लगातार गिरावट देखने को मिल रही है। पीपुल्स बैंक ऑफ चाइना ने सभी बैंकों और पेमेंट फर्मों के साथ हुई बैठक में कहा है कि वो अपने ग्राहकों के खातों की जांच करें और पता लगाएं कि कौन क्रिप्टोकरेंसी से जुड़े लेनदेन कर रहा है। सेंट्रल बैंक ने तुरंत उनके पेमेंट चैनल को बंद करने को कहा है।
चीन में 2017 से वर्चुअल करेंसी पर बैन
चाइना कंस्ट्रक्शन बैंक, इंडस्ट्रियल एंड कमर्शियल बैंक ऑफ चाइना (ICBC), एग्रीकल्चर बैंक ऑफ चाइना और पोस्टल सेविंग्स बैंक ऑफ चाइना भी इस बैठक में शामिल रहे। चीन ने साल 2017 से ही वर्चुअल करेंसी पर बैन लगा रखा है।