इलेक्ट्रिक कार बनाने वाली कंपनी टेस्ला और स्पेसएक्स के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) एलन मस्क के एक ट्वीट से बिटक्वाइन की कीमत में भारी गिरावट आई है। मस्क ने ट्वीट किया कि बिटक्वाइन की कीमत कुछ ज्यादा ही तेजी से बढ़ रही है। उनके इस ट्वीट के कुछ ही घंटों बाद न्यूयॉर्क में बिटक्वाइन की कीमत 8000 डॉलर (करीब 17 फीसदी) की गिरावट के साथ 50,000 डॉलर के नीचे आ गई। भारतीय मुद्रा के हिसाब से यह करीब 36 लाख रुपये है। हालांकि, बाद में इसमें कुछ सुधार हुआ और यह 52 हजार डॉलर (करीब 37 लाख रुपये) के ऊपर पहुंच गई।
टेस्ला के शेयर में गिरावट, बेजोस फिर बने सबसे रईस शख्स
जनवरी की शुरुआत में टेस्ला का शेयर 25 फीसदी तक चढ़ चुका था, लेकिन अब इसने पूरी बढ़त गंवा दी है। इस साल मस्क दो बार अमेजन के मालिक जेफ बेजोस को पछाड़कर दुनिया के सबसे अमीर शख्स बने थे। मस्क की कंपनी टेस्ला के शेयरों में सोमवार को 8.55 फीसदी की गिरावट आई। इससे एलन मस्क की कुल संपत्ति में एक दिन में 15.2 अरब डॉलर की कमी आई। ब्लूमबर्ग बिलेनियर इंडिक्स के अनुसार, बेजोस 186 अरब डॉलर की नेटवर्थ के साथ फिर से दुनिया के सबसे अमीर शख्स बन गए हैं। एलन मस्क 183 अरब डॉलर नेटवर्थ के साथ दूसरे नंबर पर आ गए।
मस्क की एक चाल से उच्चतम स्तर पर पहुंचा था बिटक्वाइन
दरअसल एलन मस्क की एक घोषणा से बिटक्वाइन की कीमत उच्चतम स्तर पर पहुंच गई थी। टेस्ला ने यह घोषणा की थी कि उसने क्रिप्टोकरेंसी में 1.5 अरब डॉलर का निवेश किया है। इस घोषणा के बाद बिटक्वाइन की कीमत में 15 फीसदी की तेजी आई थी। करीब साल भर पहले बिटक्वाइन की एक इकाई की कीमत 10 हजार डॉलर थी। पिछले तीन महीने में ही बिटक्वाइन का दाम करीब 200 फीसदी चढ़ा है। बिटक्वाइन को ऐसे समय में तेजी मिल रही है जब अधिक से अधिक कंपनियां उथल-पुथल वाली डिजिटल मुद्रा को भुगतान के माध्यम के रूप में मान्यता पाने की बात मानते जा रही हैं।
बिटक्वाइन का समर्थन करने वाली सबसे बड़ी कंपनी
इस निवेश के साथ ही टेस्ला अब विवादास्पद क्रिप्टोकरेंसी बिटक्वाइन का समर्थन करने वाली सबसे बड़ी कंपनी बन गई है। टेस्ला ने कहा है कि वह अपनी कारों के लिए डिजिटल क्वाइन में पेमेंट लेना शुरू करेगी। मालूम हो कि बिटक्वाइन के लिए पिछला साल भी बेहतरीन रहा है। साल 2020 में इसकी कीमत चार गुना बढ़ी थी।
क्या है क्रिप्टोकरेंसी?
क्रिप्टोकरेंसी एक ऐसी करेंसी है जिसे आप देख नहीं सकते। आसान शब्दों में आप इसे डिजिटल रुपया कह सकते हैं। क्रिप्टोकरेंसी को कोई बैंक जारी नहीं करती है। इसे जारी करने वाले ही इसे कंट्रोल करते हैं। इसका इस्तेमाल डिजिटल दुनिया में ही होता है।