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Bengaluru: बंगलूरू में सड़कों की मरम्मत की पेशकश के दावों की खबर पर किरण मजूमदार शॉ ने उठाए सवाल, जानें मामला

Wed, 22 Oct 2025 11:48 PM IST
कुमार विवेक बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

शॉ सोशल मीडिया पर बंगलूरू के बुनियादी ढांचे के मुद्दों की आलोचना करती रही हैं और उन्होंने बार-बार राज्य सरकार से हस्तक्षेप करने का आग्रह किया है। मंगलवार को उन्होंने मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार से मुलाकात कर उन्हें दीपावली की शुभकामनाएं दीं और बंगलूरू के विकास में सहयोग का आश्वासन दिया। लेकिन इस बीच एक नया विवाद शुरू हो गया है। यह क्या है, आइए जानें।
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किरण मजूमदार शाॅ - फोटो : instagram
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विस्तार
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दवा कंपनी बायोकॉन की प्रमुख किरण मजूमदार शॉ ने बुधवार को उन खबरों के स्रोत पर सवाल  जिनमें दावा किया गया है कि उन्होंने बंगलूरू में सड़कों की मरम्मत की पेशकश की थी। उन्होंने इसे मनगढ़ंत खबर बताया है। शॉ पूर्व केंद्रीय मंत्री पी चिदंबरम की 'एक्स' पर पोस्ट के बारे में बोल रही थीं। अपने पोस्ट में चिदंबरम ने बंगलूरू में कुछ सड़कों के विकास के लिए धन मुहैया कराने की शॉ की की ओर से रुचि जाहिर करने का जिक्र किया था।

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उन्होंने 'एक्स' पर पोस्ट किया, "किरण शॉ ने बंगलूरू की सड़कों की मरम्मत के लिए धन देने की पेशकश की, ऐसा पी. चिदंबरम के पोस्ट में जिक्र किया गया। मैं यह देखकर मजे ले रही हूं कि मीडिया कैसी खबरें गढ़ती है। कृपया उनसे सड़कों की मरम्मत के मेरे प्रस्ताव के बारे में इस जानकारी का स्रोत साझा करने के लिए कहें।"

शॉ सोशल मीडिया पर बंगलूरू के बुनियादी ढांचे के मुद्दों की आलोचना करती रही हैं और उन्होंने बार-बार राज्य सरकार से हस्तक्षेप करने का आग्रह किया है। मंगलवार को उन्होंने मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार से मुलाकात कर उन्हें दीपावली की शुभकामनाएं दीं और बंगलूरू के विकास में सहयोग का आश्वासन दिया।
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इससे पहले चिदंबरम ने पोस्ट किया था, "मैंने किरण मजूमदार शॉ की ओर से बंगलूरू में कुछ सड़कों के विकास के लिए धन मुहैया कराने के प्रस्ताव को दिलचस्पी से देखा। बहुत बढ़िया प्रस्ताव! बधाई।" उन्होंने कहा, "हमारे सार्वजनिक कार्यों में समस्या सार्वजनिक धन की कमी नहीं है; समस्या कार्य के क्रियान्वयन में है।"

चिदंबरम ने सुझाव दिया कि सरकारें शॉ के विचार में बदलाव कर सकती हैं,और सार्वजनिक धन और निविदाओं का उपयोग ठेकेदारों के चयन के लिए कर सकती हैं, जो फिर किसी इच्छुक कंपनी या उद्योगपति की देखरेख में काम करेंगे।

उन्होंने कहा, "ठेकेदार सार्वजनिक कार्य, जैसे सड़क, का क्रियान्वयन करेगा। हालांकि, पर्यवेक्षक कंपनी या उद्योगपति कार्य की गुणवत्ता और समय पर निष्पादन के लिए जिम्मेदार होगा। किसी भी प्रकार का जुर्माना या लागत में वृद्धि पर्यवेक्षक कंपनी या उद्योगपति की ओर से वहन की जाएगी।" उन्होंने अपने पोस्ट में शिवकुमार और तमिलनाडु के सीएम एमके स्टालिन को टैग करते हुए कहा कि इस विचार को आगे बढ़ाने के लिए चेन्नई या बंगलूरू उपयुक्त स्थान हो सकते हैं।

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