टेलीकॉम क्षेत्र की दिग्गज कंपनी एयरटेल को वित्त वर्ष 2019-20 की पहली तिमाही में2866 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। कंपनी को पिछले वित्त वर्ष की पहली तिमाही में 107 करोड़ रुपये का मुनाफा हुआ था। हालांकि कंपनी की आय में बढ़ोतरी देखने को मिली है। आय पिछली तिमाही के 20602 करोड़ रुपये से बढ़कर 20738 करोड़ रुपये रही है। ऐसा पिछले 16 सालों में पहली बार है कि कंपनी को नुकसान उठाना पड़ा है।
एआरपीयू में इजाफा
कंपनी की एआरपीयू में बढ़ोतरी देखने को मिली है। पहली तिमाही में कंपनी का एआरपीयू 5.1 फीसदी बढ़ा है यानी तिमाही आधार पर ये 123 रुपये से बढ़कर 129 रुपये पर आ गया है। जियो और वोडाफोन-आइडिया के बाद एयरटेल तीसरे नंबर पर खिसक गया है। मार्च में ही जियो ने एयरटेल को पीछे छोड़ दिया था।
चौथे पायदान पर बीएसएनएल है तो पांचवे स्थान पर टाटा टेलीसर्विसेज। रिलायंस जियो को पॉइंट्स आफ इंटरकनेक्शन (पीओआई) नहीं उपलब्ध कराने के मामले में भारती एयरटेल और वोडाफोन आइडिया पर कुल 3,050 करोड़ रुपये के जुर्माने को मंजूरी दे दी है।
ट्राई ने की थी सिफारिश
एयरटेल और वोडाफोन प्रत्येक पर 1,050 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया था। वहीं आइडिया पर 950 करोड़ रुपये का जुर्माना लगा था। अब वोडाफोन और आइडिया का विलय हो चुका है ऐसे में नई इकाई वोडाफोन आइडिया को दोनों कंपनियों का जुर्माना भरना होगा।
लाइसेंस रद्द करने की भी सिफारिश
उस समय नियामक इन कंपनियों के दूरसंचार लाइसेंस रद्द करने की भी सिफारिश करने जा रहा था, लेकिन उसने ऐसा नहीं किया। नियामक का कहना था कि इससे ग्राहकों को काफी असुविधा होगी।