दुर्गा पूजा, दीपावली व छठ पूजा के दौरान अगर आप तेज रफ्तार चलने वाली राजधानी से घर जाने की सोच रहे तो आपकों अपनी जेब ढीली करनी पड़ेगी। इस दौरान आपको रेलवे की फ्लैक्सी रेट नियम के तहत डेढ़ गुणा बढ़ा हुआ किराया देना ही पड़ेगा, क्योंकि पूर्वांचल की तरफ जाने वाली राजधानी, दुरंतो ट्रेन में बर्थ खाली नहीं है।
लिहाजा अगर आप तत्काल के भरोसे है या वेटिंग टिकट लेकर यात्रा करने की सोच रहे तो जेब ढीली करने के लिए तैयार रहें।
त्यौहारों के दौरान घर जाने के लिए अगर आपने राजधानी, शताब्दी व दुरंतो ट्रेन में पहले से टिकट बुक करा लिया है तो इस नियम के उलझन में नहीं पड़ेंगे, लेकिन वेटिंग टिकट मिलने के कारण तत्काल टिकट के भरोसे है तो ऊंची कीमत चुका कर त्यौहार में शरीक होने के लिए तैयार रहें।
सभी ट्रेनों में जगह फुल
ट्रेन
- फोटो : demo
दिल्ली से लखनऊ, कानपुर, पटना, रांची, कोलकाता, भुवनेश्वर, मुंबई, डिब्रुगढ़ की तरफ जाने वाली सभी राजधानी ट्रेन अक्तूबर के अंतिम सप्ताह से नवंबर के पहले सप्ताह तक फुल है। एक्सप्रेस, सुपर फास्ट व मेल एक्सप्रेस में तो बर्थ खाली नहीं ही है साथ राजधानी ट्रेन में भी वेटिंग टिकट मिल रहा है।
कुछ ट्रेन में सीट खाली भी है तो महज 5-8 सीट। ऐसे में हर हाल में आपकों राजधानी ट्रेन से सफर करने के लिए फ्लैक्सी नियम के 50 प्रतिशत बढ़े हुई कीमत को चुकाना पड़ेगा। 10 से 40 प्रतिशत वाले दायरे से आप बाहर है।
अक्टूबर 30 से 4 नवंबर के बीच राजेंद्र नगर राजधानी में 108 से 320 वेटिंग टिकट कट रहा है। इसी तरह मुंबई राजधानी में दीपावली के दिन 317 वेटिंग टिकट मिल रहा है। इस दौरान इलाहाबाद दुरंतो ट्रेन के एसी थ्री में जहां 50 प्रतिशत से अधिक वेटिंग टिकट मिल रहा है तो स्लीपर क्लास में ढाई सौ से अधिक वेटिंग है। यानी सभी ट्रेनें हाऊस फुल हैं। ऐसे में यात्रा के लिए बेस फेयर से 50 प्रतिशत अधिक शुल्क चुका कर यात्रा करने के लिए आप तैयार रहें।