मोदी सरकार 2.0 का आम बजट पांच जुलाई को पेश होगा। एक तरफ वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और उनकी टीम बजट तैयार करने में जुटी है, तो दूसरी ओर बजट प्रस्तुत होने से पहले ही मंत्रालय के दस्तावेज लीक हो रहे हैं। ऐसा ही एक मामला मंत्रालय के व्यय विभाग से जुड़ा हुआ बताया जा रहा है। इसे लेकर वित्त मंत्रालय ने भी सचेत किया है कि इस तरह के गोपनीय दस्तावेज को सर्कुलेट न किया जाए अन्यथा कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
जुलाई में मिलेगा वेतन
अमर उजाला डॉट कॉम ने इस बाबत अंडर सेक्रेटरी (आईएफयू) व्यय रमेश सिंह से बातचीत की है, जिन्होंने यह सीक्रेट पत्र जारी किया था। सिंह ने बताया कि किसी वजह से इन अधिकारियों का वेतन रोका गया है। जुलाई में जब बजट आएगा तो इन्हें वेतन दे दिया जाएगा।
वित्त मंत्रालय ने जारी किया आदेश
वित्त मंत्रालय ने अपने ट्विटर हैंडल पर आदेश जारी करते हुए कहा है कि ये पत्र सीक्रेट है, इसे आगे सर्कुलेट न किया जाए और ऐसा करने वाले के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जा सकती है।
आखिर क्यों रोका वेतन
मंत्रालय के सूत्रों का कहना है कि हर विभाग में एक आईएफयू यूनिट होती है। इसका काम यही देखना है कि खर्च नियमानुसार और तय दायरे में हो रहा है या नहीं। कोई ऐसा खर्च तो नहीं है जो सीमा पार कर गया हो। इसकी दो वजह हो सकती हैं। एक, संबंधित विभाग की लापरवाही कि उन्होंने समय रहते सचेत क्यों नहीं किया।
दूसरा, कोई ऐसा आपातकालीन खर्च, जिसे करना जरूरी था। मंत्रालय अब यह पता लगाने का प्रयास कर रहा है कि यह दस्तावेज किसने लीक किया है।