सार
बैंक ऑफ बड़ौदा की रिपोर्ट के अनुसार, खाद्य वस्तुओं की कीमतों में गिरावट से मई 2025 में खुदरा महंगाई घटकर 2.7% हो सकती है, जो 73 महीने का न्यूनतम स्तर होगा। सब्जियों, दालों की कीमतें घटी हैं। इससे आरबीआई को नीतिगत दरों में कटौती का मौका मिल सकता है।
खाद्य वस्तुओं की कीमतों में लगातार आ रही गिरावट से खुदरा महंगाई मई, 2025 के आंकड़ों में घटकर 73 महीने के निचले स्तर 2.7 फीसदी पर आ सकती है। बैंक ऑफ बड़ौदा की रिपोर्ट में यह दावा किया गया है। खुदरा महंगाई की सबसे कम दर इससे पहले फरवरी, 2019 में 2.57 फीसदी रही थी। अप्रैल में यह 67 महीने के निचले स्तर 3.16 फीसदी पर आ गई थी। महंगाई दर में गिरावट से मौजूदा चक्र में आरबीआई को नीतिगत दरों में और ज्यादा कटौती के लिए मदद मिल सकती है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि बेहतर उत्पादन के कारण सब्जियों और दालों की कीमतों में बड़ी गिरावट आई है। बेहतर मानसून से प्याज और आलू के प्रमुख उत्पादक राज्यों में पहले ही ज्यादा बारिश हो चुकी है। ऐसे में बारिश पर नजर रखने की जरूरत है, क्योंकि मई में टमाटर और आलू की कीमतों में भी कुछ क्रमिक वृद्धि देखने को मिली है।
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हालांकि, टमाटर, प्याज व आलू की अच्छी आवक और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सोने की कीमतों में नरमी से महंगाई पर अंकुश लगेगा। अप्रैल की तुलना में मई में 20 वस्तुओं में से 10 की कीमतों में तेज गिरावट आई है। टमाटर की खुदरा कीमत लगातार 5वें महीने घटी है, हालांकि इसकी गति धीमी रही है।
10वें महीने भी गिरा मसूर दाल का भाव
मसूर दाल की खुदरा कीमतों में गिरावट लगातार 10वें महीने रही। मई, 2025 में अरहर की खुदरा कीमत में सालाना आधार पर 18.9 फीसदी गिरावट देखी गई। बेहतर उत्पादन और अधिक आयात से दालों की कीमतों की गिरावट को समर्थन मिला है। 2024-25 में दालों का आयात 46.3 फीसदी बढ़ा है। अनाजों में चावल की खुदरा कीमत 4.5 फीसदी घट गई है। सालाना आधार पर आटा की खुदरा कीमत 2.5 फीसदी तक बढ़ी है। गुड़, चाय और नमक पैक जैसी विविध वस्तुओं के दाम में भी नरमी देखी गई। खाद्य तेलों के भाव स्थिर रहे।
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बेहतर प्रबंधन-सरकारी नीतियों का दिखा असर
उपभोक्ता मामलों के विभाग की सचिव निधि खरे ने कहा, पिछले दो वर्षों से अलनीनो का प्रभाव बहुत ज्यादा था। इससे एक-डेढ़ महीने तक गर्मी ज्यादा होने से कृषि उत्पाद प्रभावित होते थे। लेकिन, सरकार की नीतियां और हमारे विभाग के बेहतर प्रबंधन का असर है कि कीमतें स्थिर और कम हुई हैं। हमारा प्रयास कीमतों को स्थिर रखकर ग्राहकों को राहत देना है।