पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों लेकर योग गुरु बाबा रामदेव का कहना है कि वे कीमतें कम करने के लिए भगवान गणपति से प्रार्थना करेंगे। वहीं जीएसटी और नोटबंदी पर योग गुरु का कहना है कि सरकार ने जो भी आर्थिक सुधार किए हैं, वे उनके साथ हैं। वहीं दूध में पोषक तत्व मिलाने का लेकर को बाबा रामदेव ने कहा कि इसकी कोई जरूरत नहीं है, क्योंकि यह पहले से ही दूध में मौजूद होते हैं।
कच्चे तेल की कीमतों के आधार पर तय हों कीमतें
गुरुवार को पतंजलि के दूध उत्पादों की लॉन्चिंग के मौके पर आयोजित प्रेस वार्ता में बाबा रामदेव ने पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों पर उन्होंने गोलमोल जवाब दिया। हालांकि उन्होंने माना कि सरकार कहती है कि देश चलाना है, तो उन्होंने पेट्रोल-डीजल पर सबसे ज्यादा टैक्स ठोक रखा है।
बाबा रामदेव ने कहा कि आज गणेश चतुर्थी है और वे विघ्नहर्ता हैं, वे भगवान गणपति से प्रार्थना करेंगे कि देश पर जो महंगाई का विघ्न आया है, उसे मोदी जी और जेटली जी जरूर मुक्ति दिलाएंगे। रामदेव ने कहा कि उन्होंने 2014 में बीजेपी से कहा था कि कच्चे तेल की कीमतों के आधार पर पेट्रोल-डीजल की कीमतें तय की जाएं और टैक्स कम किया जाए। उन्होंने बताया कि तब भाजपा ने उनकी बात का समर्थन भी किया था।
एनपीए देश के लिए खतरनाक
वहीं कालाधन भारत लाने के सवाल पर बाबा रामदेव ने कहा कि कालाधन लूटने वालों को जल्द से जल्द भारत लाया जा जाए और उन्हें उनके किए की सजा दी जाए। उन्होंने कहा कि कई लाख करोड़ रुपए यानी 5 से 7 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा देश से बाहर है।
सरकार को बाहर से काला धन देश में वापस लाने की जरूरत है और सरकार को इस पर कदम बढ़ाना चाहिए। वहीं बैंकों के बढ़ते एनपीए यानी नान परफार्मिंग असेट पर बाबा रामदेव ने कहा कि एनपीए की मात्रा बढ़ रही है, जो देश के लिए खतरनाक है। उन्होंने कहा कि जीएसटी या नोटबन्दी को लेकर सरकार के समक्ष कुछ चुनौतियां जरूर आई हैं, लेकिन सरकार ने जो भी आर्थिक सुधार किये हैं वे उसके साथ हैं।
बाबा का दूध में सुक्ष्म पोषक तत्व मिलाने से इंकार
वहीं बाबा रामदेव से जब यह सवाल पूछा गया कि भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण यानी एफएसएसएआई दूध में सुक्ष्म पोषक तत्व विटामिन ए और डी मिलाने को लेकर देशभऱ में अभियान चला रहा है, तो बाबा रामदेव का कहना है कि गाय के दूध में पहले से ही पोषक तत्व मौजूद होते हैं। वहीं उन्होंने कहा कि बाबा का 100 फीसदी फिजिकल टेस्ट है कि गाय का दूध पीकर योग करने के बाद उसे अलग से विटामिन खाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
गौरतलब है कि एफएसएसएआई का कहना है कि देश की 66 करोड़ आबादी सुक्ष्म पोषक तत्वों की कमी से जूझ रही हैं और इनमें बच्चों और महिलाओं की संख्या सबसे ज्यादा है। इसलिए भारत सरकार नीति आयोग और महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के साथ मिल कर दूध में सुक्ष्म पोषक तत्व मिलाने को लेकर प्रचार कर रहे हैं। देश में इन दिनों रोजाना तकरीबन 78 लाख लीटर दूध में सुक्ष्म पोषक तत्व मिलाए जा रहे हैं, जिनमें 24 कॉपरेटिव और 15 प्राइवेट डेयरियां हैं।