भारत में अगस्त महीने में व्हाइट-कॉलर नौकरियों की भर्ती में 14 फीसदी की सालाना वृद्धि दर्ज की गई है। यह जानकारी मंगलवार को जारी एक रिपोर्ट में दी गई। ऑटो, हेल्थकेयर और रिटेल जैसे क्षेत्रों ने इस वृद्धि का नेतृत्व किया। नौकरी डॉट कॉम की रिपोर्ट के अनुसार, नौकरी जॉब स्पीक इंडेक्स 3,028 पर पहुंच गया, जो पिछले साल अगस्त के 2,664 से अधिक है। व्हाइट कॉलर जॉब उन पेशेवर नौकरियों को कहा जाता है जिनमें आमतौर पर ऑफिस के माहौल में किया जाता है और जिनमें शारीरिक श्रम के बजाय मानसिक, प्रशासनिक या विश्लेषणात्मक कार्य शामिल होते हैं।
यह वृद्धि आईटी और गैर-आईटी दोनों क्षेत्रों तथा सभी अनुभव स्तरों पर देखी गई है। हालांकि, इस वृद्धि को त्योहारी कैलेंडर के संदर्भ में देखना होगा। पिछले साल त्योहारी अवधि का बड़ा हिस्सा अगस्त में था, जो इस साल सितंबर में चला गया है। इंफो एज इंडिया लिमिटेड के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी हितेश ओबेरॉय ने कहा कि त्योहारी तिमाही में भर्ती की स्पष्ट तस्वीर सामने आएगी। नौकरी जॉब स्पीक रिपोर्ट भारत के रोजगार बाजार और भर्ती गतिविधि के रुझानों को ट्रैक करने वाला एक मासिक सूचकांक है। यह नौकरी डॉट कॉम पर नौकरी के लिए आए आवेदनों पर आधारित है।
किन क्षेत्रों में सबसे अधिक वृद्धि हुई?
रिपोर्ट के अनुसार, ऑटो क्षेत्र में 19 फीसदी की मजबूत भर्ती वृद्धि दर्ज की गई। इसके बाद हेल्थकेयर क्षेत्र में 16 फीसदी और रिटेल क्षेत्र में 15 फीसदी की वृद्धि हुई। बीमा में 12 फीसदी, आईटी में 11 फीसदी और बैंकिंग तथा एफएमसीजी में प्रत्येक में 10 फीसदी की वृद्धि देखी गई। बीपीओ/आईटीईएस, तेल और गैस तथा रियल एस्टेट में प्रत्येक में 8 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई। फार्मा/बायोटेक क्षेत्र स्थिर रहा। हॉस्पिटैलिटी और ट्रैवल में 4 फीसदी की गिरावट आई, जबकि शिक्षा क्षेत्र में 8 फीसदी की कमी देखी गई।
अनुभव स्तरों पर क्या रहा रुझान?
सभी अनुभव स्तरों पर भर्ती सकारात्मक बनी रही। फ्रेशर भर्ती में साल-दर-साल 15 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई। 4-7 साल के अनुभव वाले लोगों के लिए यह 10 फीसदी बढ़ी। मध्य-से-वरिष्ठ अनुभव बैंड में भी मजबूत वृद्धि दर्ज की गई। 8-12 साल के अनुभव वाले लोगों के लिए भर्ती में 16 फीसदी की वृद्धि हुई। 13-16 साल के लिए 18 फीसदी और 16 साल से अधिक अनुभव वाले लोगों के लिए 13 फीसदी की वृद्धि देखी गई।
किन शहरों में सबसे ज्यादा नौकरियां बढ़ीं?
मेट्रो शहरों में हैदराबाद ने भर्ती वृद्धि का नेतृत्व किया, जहां 23 फीसदी की वृद्धि हुई। इसके बाद कोलकाता में 22 फीसदी और चेन्नई में 20 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई। बेंगलुरु और पुणे में प्रत्येक में 14 फीसदी की वृद्धि हुई। दिल्ली-एनसीआर में 10 फीसदी और मुंबई में 7 फीसदी की वृद्धि देखी गई। उभरते शहरों में भुवनेश्वर में 32 फीसदी, रायपुर में 23 फीसदी, सूरत में 21 फीसदी और रांची में 19 फीसदी की मजबूत वृद्धि दर्ज की गई।