रूस और युक्रेन के बीच जारी युद्ध के चलते जहां एक ओर कच्चे तेल की कीमतें आसमान छू रहीं हैं और आठ साल के शिखर पर पहुंच चुकी हैं। वहीं दूसरी ओर हवाई यात्रियों का सफर भी महंगा होता जा रहा है। जी हां, इस साल अब तक जेट फ्यूल के दाम में पांच बार इजाफा किया जा चुका है। मंगलवार को विमान ईंधन के दाम में 3.3 फीसदी की वृद्धि की गई है।
परिचालन में 40 फीसदी हिस्सेदारी
गौरतलब है कि किसी एयरलाइन की परिचालन लागत में विमान ईंधन की लगभग 40 फीसदी हिस्सेदारी होती है। अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क के औसत मूल्य के आधार पर हर महीने की 1 और 16 तारीख को जेट फ्यूल की कीमतों में बदलाव किया जाता है.मंगलवार को विमान ईंधन में की गई बढ़ोतरी के बाद अब यह अपने नए सर्वकालिक उच्चतम स्तर पर पहुंच गया है। वैश्विक बाजार में तेल की कीमतों में तेजी के बीच एविएशन टर्बाइन फ्यूल (एटीएफ) के दाम भी आसमान पर पहुंच गए हैं। इस बढ़ोतरी के बाद दिल्ली में एटीएफ 3,010.87 रुपये प्रति किलोलीटर बढ़कर 93,530.66 रुपये प्रति किलोलीटर पर पहुंच गई।
दो महीने में पांचवी बार बढ़े दाम
रिपोर्ट के मुताबिक, जेट फ्यूल के दामों में बढ़ोतरी का सिलसिला लगातार जारी है। बीते दो महीने में ये पांचवी बार है जब देश में जेट फ्यूल की कीमतों में बढ़ोतरी की गई है। इस बढ़ोतरी के साथ दिल्ली और मुंबई जेट फ्यूल की नई कीमतों ने होश उड़ा दिए हैं। अगस्त, 2008 में एटीएफ की कीमत 71,028.26 रुपये प्रति किलोलीटर थी,जबकि कच्चे तेल के दाम शिखर पर थे।