गूगल की अपने कर्मचारियों को ‘ब्लड इन द स्ट्रीट्स’ की चेतावनी जारी करने के बाद अब एपल ने भी कई कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखा दिया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार कंपनी ने अपनी हायरिंग और स्पेंडिंग में कमी लाने के लिए यह कदम उठाया है। ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के अनुसार एपल ने कंपनी से कांट्रेक्ट के आधार पर जुड़े लगभग सौ नियोक्ताओं को, जो कि दुनिया की सबसे बहुमूल्य कंपनी एपल के लिए कर्मचारियों की बहाली का काम करते थे उन्हें हटा दिया है।
जिन कर्मचारियों का कान्ट्रैक्ट रद्द किया गया है उन्हें कपनी की ओर से कहा गया है कि उन्हें दो हफ्ते का भुगतान और मेडिकल सुविधाएं मिलेंगीं। वहीं, इस रिपोर्ट के अनुसार ऐसे नियोक्ता जो कंपनी के साथ फुल टाइम कर्मचारी के रूप में जुड़े हैं उन्हें रिटेन किया गया है। एपल ने हटाए गए कर्मियों को कहा है कि यह छंटनी कंपनी की वित्तीय जरूरतों को देखते हुए की गई है।
इससे पहले, टेक वर्ल्ड की दिग्गज कंपनी गूगल ने अपने कर्मचारियों को अगर परिणाम नहीं आने पर छंटनी की चेतावनी दी थी। गूगल के सीईओ सुंदर पिचई ने इसी महीने कहा है कि वे कंपनी के कंर्मचारियों के वर्क आउटपुट से संतुष्ट नहीं है। उन्होंने कहा था कि कंपनी की उत्पादकता जितनी होनी चाहिए उससे कम है।
गूगल ने दी छंटनी की चेतावनी, कहा- सड़कों पर खून बहेगा...
आर्थिक संकट व मंदी की आशंका से घबराई विश्व की बड़ी टेक कंपनियां कर्मचारियों की छंटनी कर रही हैं। गूगल की मालिकाना कंपनी अल्फाबेट के वरिष्ठ अफसरों ने भी कर्मियों को चेताते हुए कड़े शब्दों में कहा, ‘सड़कों पर खून बहेगा... छंटनी के लिए तैयार रहें।’ तीसरी तिमाही के परिणामों में कमाई अच्छी नहीं रही तो छंटनी हो सकती है। इसकी वजह वैश्विक मंदी की आशंका है।