अगर किसी निजी व्यक्ति या फिर संस्था ने आधार का डाटा स्टोर किया तो फिर उसको एक करोड़ रुपये का जुर्माना देना होगा। इसके साथ ही ऐसे लोगों को जेल भी जाना होगा। गुरुवार को लोकसभा में ध्वनि मत से आधार संशोधन अधिनियम 2019 पास हो गया। अब राज्यसभा में ग्रीन सिग्नल की आस है।
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1-बैंक खातों और सिम कार्ड में आधार की अनिवार्यता स्वैच्छिक होगी
2-अब तक मिलने वाला काई भी लाभ या सेवा समाप्त नहीं होगी
3-डाटा की चोरी करने वाली फर्म को एक करोड़ जुर्माना और जेल की सजा हो सकती है
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि आधार में दर्ज देश 123 करोड़ आधार धारकों की जानकारी पूरी तरह सुरक्षित है। इसे सिर्फ और सिर्फ राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा या कोर्ट के आदेश पर ही साझा किया जा सकता है।
केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा, अगर मंत्री होने के नाते मैं भी किसी के निजी डाटा को देखता हूं तो नए विधेयक के तहत मुझे भी तीन साल तक की जेल हो सकती है। उन्होंने सदन में अपना आधार कार्ड दिखाते हुए कहा कि इसमें नाम, पिता का नाम, जन्म तिथि और पता दिया गया है। इसमें जाति, धर्म और मेडिकल रिकॉर्ड नहीं है।
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