देश के सबसे बड़े निजी क्षेत्र के ऋणदाता एचडीएफसी बैंक में एक बड़ा बदलाव हुआ है। अनूप बागची ने बैंक के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी का पदभार संभाल लिया है। यह पद उनके पूर्ववर्ती शशिधर जगदीश के कार्यकाल पूरा होने के बाद खाली हुआ था। बागची आईसीआईसीआई समूह के अनुभवी हैं और बैंक के तीन दशक से अधिक के इतिहास में पहले बाहरी प्रमुख हैं।
बागची ऐसे समय में एचडीएफसी बैंक से जुड़े हैं जब बैंक कई चुनौतियों का सामना कर रहा है। इनमें मुख्य आय वृद्धि और मार्जिन से जुड़ी समस्याएं शामिल हैं, जिन्होंने निवेशकों को चिंतित किया है। उन्होंने एक आय कॉल में कहा कि 2023 में आवास वित्त प्रमुख एचडीएफसी के साथ बैंक के विलय का कुछ काम अभी बाकी है। बागची ने यह भी घोषणा की कि वह बैंक को बेहतर ढंग से समझने के लिए सभी हितधारकों से मिलेंगे। उन्होंने एचडीएफसी बैंक के मजबूत और प्रतिबद्ध नेतृत्व की सराहना भी की। उनके पदभार संभालने से पहले, बैंक के उप प्रबंध निदेशक कायज़ाद भरूचा ने दिसंबर तक सेवानिवृत्त होने की अपनी मंशा की घोषणा की थी।
क्या थे पूर्व प्रमुख पर लगे आरोप?
शशिधर जगदीश ने शासन संबंधी कमियों के आरोपों के बीच विस्तार के लिए अपनी अनुपलब्धता की घोषणा की थी। बैंक की अपनी जांच में भी जमा राशि बुक करने की प्रथा में कमियां पाई गई थीं। इसमें जमाकर्ता को कार्ड दर से अधिक अतिरिक्त राशि का भुगतान करना शामिल था। जगदीश पर इस प्रथा के लिए जुर्माना भी लगाया गया था। बैंक के गैर-कार्यकारी अध्यक्ष अतानु चक्रवर्ती के मार्च में अचानक इस्तीफे ने भी कई प्रथाओं का खुलासा किया था। उन्होंने अपने इस्तीफे में मूल्यों और नैतिकता का हवाला दिया था।
एचडीएफसी बैंक ने जगदीश की सराहना क्यों की?
मंगलवार को एक्सचेंज फाइलिंग में एचडीएफसी बैंक ने जगदीश की सराहना की। बैंक ने उनके विशिष्ट कार्यकाल के दौरान प्रदर्शित रणनीतिक दृष्टि और अटूट प्रतिबद्धता की प्रशंसा की। बैंक ने कहा कि उनका नेतृत्व बैंक के प्रदर्शन, संस्कृति और ग्राहक-केंद्रित दृष्टिकोण को मजबूत करने में सहायक रहा है। बैंक ने कॉर्पोरेट भारत के सबसे बड़े विलयों में से एक को सफलतापूर्वक पूरा करने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका को स्वीकार किया।
नए प्रमुख के सामने क्या चुनौतियां हैं?
अनूप बागची के सामने बैंक की मुख्य आय वृद्धि को बढ़ाना एक बड़ी चुनौती है। मार्जिन में सुधार लाना भी उनके प्रमुख कार्यों में से एक होगा। उन्हें बैंक के 2023 विलय के शेष कार्यों को पूरा करना होगा। उन्हें बैंक के नेतृत्व और टीम के साथ तालमेल बिठाना होगा। निवेशकों का विश्वास फिर से हासिल करना भी उनके लिए महत्वपूर्ण होगा। मंगलवार को बीएसई पर एचडीएफसी बैंक का शेयर 0.07 फीसदी ऊपर 688.7 रुपये पर कारोबार कर रहा था।