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WPI Inflation: अगस्त के मुकाबले सितंबर रहा सस्ता, घटी थोक महंगाई दर, पर दो अंकों से नीचे नहीं

Fri, 14 Oct 2022 09:22 PM IST
विवेक दास बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

WPI Inflation: थोक महंगाई दर में सितंबर में लगातार चौथे महीने गिरावट दर्ज की गई। यह 18 महीनों के सबसे निम्नतम स्तर पर पहुंच गया है। हालांकि, पिछले डेढ़ साल से यह 10 फीसदी के स्तर से ऊपर बनी हुई है।
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थोक महंगाई दर
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विस्तार
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ऑल इंडिया होलसेल प्राइस इंडेक्स (WPI) पर आधारित थोक महंगाई की वार्षिक दर में सितंबर महीने में राहत दिखी है। भारत सरकार की ओर से जारी Wholesale Price Index पर आधारित आंकड़ों के अनुसार सितंबर में थोक महंगाई दर 10.7% दर्ज की गई है। अगस्त 2022 में यह आंकड़ा 12.41 प्रतिशत था। वहीं, सितंबर 2021 में यह दर 11.80 प्रतिशत थी। 

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थोक महंगाई दर पिछले डेढ़ वर्ष से दस फीसदी के ऊपर 

wholesale inflation - फोटो : Agency (File Photo)
थोक महंगाई दर में सितंबर में लगातार चौथे महीने गिरावट दर्ज की गई है। यह 18 महीनों के सबसे निम्नतम स्तर पर पहुंच गया है। हालांकि, पिछले डेढ़ वर्ष से यह 10 फीसदी के स्तर से ऊपर बनी हुई है। सितंबर महीने में थोक मूल्य सूचकांक मुद्रास्फीति में आई तेज गिरावट खाद्य पदार्थों और विनिर्मित उत्पादों की कीमतों में कमी आने के कारण दर्ज की गई है। बता दें कि शुक्रवार को वाणिज्य मंत्रालय (Commerce Ministry) की ओर से थोक महंगाई दर से जुड़े आंकड़े जारी किए हैं।

थोक महंगाई दर का आंकड़ा खनिज तेलों और खाद्य पदार्थों की महंगाई से प्रेरित 

पेट्रोलियम ऑयल - फोटो : Agency (File Photo)
मंत्रालय की ओर से जारी आधिकारिक बयान में कहा गया है कि सितंबर 2022 में थोक मुद्रास्फीति मुख्य रूप से पिछले वर्ष के इसी महीने की तुलना में खनिज तेलों, खाद्य पदार्थों, कच्चे पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस, रसायन व रासायनिक उत्पादों, बुनियादी धातुओं, बिजली, वस्त्र आदि की कीमतों में वृद्धि से प्रेरित है।

खाद्यन्न से जुड़ी थोक महंगाई 12.37% से घटकर 11.03% पहुंची

वेयरहाउस (सांकेतिक तस्वीर)। - फोटो : Indian bureaucracy
सितंबर में खाद्य वस्तुओं की मुद्रास्फीति अगस्त महीने की तुलना में 12.37 प्रतिशत के मुकाबले कम होकर 11.03 प्रतिशत पर आ गई है। हालांकि सब्जियों की महंगाई सितंबर महीने के दौरान बढ़कर 39.66 फीसदी हो गई, जो अगस्त में 22.29 फीसदी थी। ईंधन और बिजली के मामले में मुद्रास्फीति सितंबर में कम होकर 32.61 प्रतिशत पर आ गई जो अगस्त में 33.67 प्रतिशत थी।

खुदरा महंगाई दर लगातार नौवें महीने छह प्रतिशत से ऊपर

retail inflation
विनिर्मित उत्पादों और तिलहन में थोक महंगाई दर क्रमशः 6.34 प्रतिशत और (-) 16.55 प्रतिशत रही। बता दें कि आरबीआई मुख्य रूप से मौद्रिक नीति तैयार करने के लिए खुदरा मुद्रास्फीति को ध्यान में रखता है। इस सप्ताह की शुरुआत में जारी आंकड़ों के अनुसार खुदरा मुद्रास्फीति लगातार नौवें महीने रिजर्व बैंक की ऊपरी सहिष्णुता सीमा 6 प्रतिशत से ऊपर रही और सितंबर में 5 महीने के उच्च स्तर 7.41 प्रतिशत पर रही।

महंगाई पर काबू पाने के लिए आरबीआई ने रेपो रेट बढ़ाकर 5.9% किया

Repo Rate Hike - फोटो : Istock
अत्यधिक उच्च मुद्रास्फीति पर काबू पाने के लिए आरबीआई ने इस वर्ष रेपो को चार बार बढ़ाकर 5.90 प्रतिशत कर दिया है जो अप्रैल 2019 के बाद सबसे अधिक है।
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सितंबर में निर्यात 4.82 प्रतिशत बढ़ा

सितंबर में निर्यात 4.82% बढ़ा, व्यापार घाटा बढ़कर 25.71 अरब डॉलर पहुंचा
देश का निर्यात सितंबर में 4.82 फीसदी बढ़कर 35.45 अरब डॉलर पहुंच गया। इस दौरान आयात भी 8.66 फीसदी की बढ़ोतरी के साथ 61.61 अरब डॉलर पहुंच गया। आयात में वृद्धि से देश का व्यापार घाटा बढ़कर 25.71 अरब डॉलर पर पहुंच गया। पिछले साल सितंबर में 22.47 अरब डॉलर का व्यापार घाटा हुआ था। वाणिज्य मंत्रालय ने इस महीने के पहले सप्ताह में अपने शुरुआती आंकड़ों में कहा था कि सितंबर में देश का वस्तु निर्यात 3.52 फीसदी घटकर 32.62 अरब डॉलर रह गया है।

वाणिज्य मंत्रालय के शुक्रवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक, चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही (अप्रैल-सितंबर) में निर्यात 16.96 फीसदी 231.88 अरब डॉलर पहुंच गया। इस अवधि में आयात 38.55% की बढ़ोतरी के साथ 380.34 अरब डॉलर पहुंच गया। व्यापार घाटा भी बढ़कर 148.46 अरब डॉलर पहुंच गया।

इंजीनियरिंग वस्तुओं में 10.85% गिरावट
इंजीनियरिंग वस्तुओं का निर्यात सितंबर में 10.85 फीसदी घटकर 8.4 अरब डॉलर रह गया। सिले कपड़ों का निर्यात भी 18 फीसदी की गिरावट के साथ एक अरब डॉलर रह गया। प्लास्टिक निर्यात भी 12.2 फीसदी घटकर 66.66 करोड़ डॉलर रह गया। वहीं, रत्न एवं आभूषण, पेट्रोलियम उत्पाद, चमड़ा, दवा, रसायन और चावल के निर्यात में सकारात्मक वृद्धि दर्ज की गई है। मंत्रालय ने कहा कि सितंबर, 2022 के लिए सेवाओं के निर्यात का अनुमानित मूल्य 25.65 अरब डॉलर है। यह सितंबर, 2021 की तुलना में 18.72 फीसदी अधिक है।
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