केंद्र द्वारा शुरू की गई इंडिया बिजनेस प्रोसेस आउसोर्सिंग प्रमोशन स्कीम (आईबीपीएस) के तहत नए रोजगार के सृजन के मामले में आंध्र प्रदेश पहले स्थान पर है और दूसरे स्थान पर तमिल नाडु है। सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ इंडिया (एसटीपीआई) ने शनिवार को यह जानकारी दी। आईबीपीएस योजना से दूसरी और तीसरी श्रेणी के शहरों मे कई आईटी और बीपीओ कंपनियों का विस्तार हुआ है।
आंध्र प्रदेश ने सबसे अधिक 12,234 नए रोजगार
आईबीपीएस योजना के तहत आंध्र प्रदेश ने सबसे अधिक 12,234 नए रोजगार के अवसरों का सृजन किया है। उसके बाद 9,401 नौकरियों के साथ तमिलनाडु दूसरे स्थान पर है। एसटीपीआई की ओर से जारी बयान के अलावा इनके अलावा पंजाब, ओडिशा, महाराष्ट्र, झारखंड और बिहार में रोजगार के अवसरों का सृजन हुआ है।
एसटीपीआई इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के तहत एक स्वायत्त निकाय है। यह इंडिया बीपीओ प्रमोशन योजना की क्रियान्वयन एजेंसी है। बयान में कहा गया है कि हाल के बरसों में आईबीपीएस ने दूसरी और तीसरी श्रेणी के शहरों में 40,000 प्रत्यक्ष रोजगार के अवसरों का सृजन किया है। इनमें से 38 प्रतिशत नौकरियां महिलाओं को मिली हैं। पिछले साल के दौरान इन इकाइयों ने 3,000 से अधिक अतिरिक्त रोजगार के अवसरों का सृजन किया।
एसटीपीआई के महानिदेशक ओंकार राय ने कहा, 'बीपीओ प्रमोशन योजना को बीपीओ उद्योग की ओर से काफी उत्साहवर्धक प्रतिक्रिया मिली है। अभी योजना के तहत 47,043 सीटों पर 252 बीपीओ/ आईटीईएस इकाइयां परिचालन में है।'
युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने को प्रतिबद्ध भारत
केंद्रीय श्रम एवं रोजगार राज्य मंत्री संतोष गंगवार ने पहले गुरुवार को कहा कि भारत अपने युवाओं के लिए रोजगार परिवेश को बेहतर बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। श्रम मंत्रालय द्वारा जारी एक बयान के अनुसार गंगवार ने कहा है कि भारत बेहतर अवसरों के लिए स्थायी, दीर्घकालिक प्रतिबद्धता के माध्यम से महिलाओं और कमजोर वर्ग के लोगों सहित सभी युवाओं के लिए रोजगार अवसर बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने कहा कि सरकार शिक्षा और रोजगार के बीच सेतु को बेहतर बनाने और युवाओं को भविष्य के काम के लिए तैयार करने की खातिर हर संभव कोशिश कर रही है। युवाओं के उत्थान के लिए कौशल विकास, रोजगार सृजन और उद्यमिता कार्यक्रमों के माध्यम से कई नीतियां और योजनाएं शुरू की गयी हैं।