गहराते व्यापार युद्ध के बीच वीजा, मास्टरकार्ड जैसी अमेरिकी भुगतान कंपनियों की डाटा नियमों में ढील देने की मांग पर सरकार ने विचार करने का भरोसा दिया है। वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने मंगलवार को कंपनियों से बातचीत में कहा कि आरबीआई अपने सख्त डाटा स्थानीयकरण नियमों पर दोबारा विचार करेगा।
रिजर्व बैंक ने पिछले साल अप्रैल में सख्त डाटा नियम लागू करते हुए सभी भुगतान कंपनियों को ग्राहकों का डाटा सिर्फ भारत में रखने का निर्देश दिया था। डेडलाइन बीत जाने के बावजूद अभी तक नियम लागू नहीं कर सकी वीजा और मास्टरकार्ड के प्रतिनिधियों ने वाणिज्य मंत्री के साथ बातचीत में अपनी चिंता जताई।
मास्टरकार्ड के सीईओ अजय बंगा की अपील पर गोयल ने भरोसा देते हुए कहा कि सरकार इस मामले में आरबीआई के साथ मिलकर विचार करेगी। बैठक में मौजूद आरबीआई के डिप्टी गवर्नर बीपी कानूनगो ने कहा कि सभी कंपनियों ने डाटा स्थानीयकरण नीति को लेकर अपनी चिंताएं जताई हैं। रिजर्व बैंक उनकी मांगों पर गौर करेगा और नियमों की समीक्षा कर संभावित हल निकाला जाएगा।
रिलायंस पक्ष में, अमेजन ने किया विरोध
डाटा स्थानीयकरण नीति पर वाणिज्य मंत्री के साथ चर्चा में घरेलू डिजिटल कंपनी रिलायंस जियो ने सरकार के पक्ष में आवाज उठाई। वहीं, फेसबुक, अमेजन, माइक्रोसॉफ्ट और मास्टरकार्ड जैसी कंपनियों ने इस नियम का विरोध किया। उनका कहना था कि वैश्विक कंपनियां अपना डाटा ग्लोबल सर्वर पर रखती हैं और किसी देश में उसके स्थानीयकरण पर भारी निवेश करना होगा। ऐसे में उपभोक्ताओं के लिए सेवाएं भी महंगी हो जाएंगी।
ई-कॉमर्स नीति पर कंपनियों से मांगा मसौदा
गोयल ने ई-कॉमर्स नीति के मसौदे पर इस क्षेत्र की कंपनियों को 10 दिन के भीतर अपने विचार देने को कहा है। ई-कॉमर्स जगत के प्रतिनिधियों ने नीति के मसौदे को लेकर चिंताएं जताईं। इस पर गोयल ने उन्हें उद्योग की हर चिंताओं को दूर करने का भरोसा दिया।
उन्होंने कहा कि कंपनियां अपने मुद्दों के बारे में 10 दिन के भीतर उद्योग संवर्धन एवं आंतरिक व्यापार विभाग (डीपीआईआईटी) को लिखित में मसौदा बनाकर दें। इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के सचिव अजय कुमार साहनी ने ई-कॉमर्स कंपनियों को आश्वासन दिया है कि डाटा संरक्षण विधेयक तैयार करने में सभी पक्षों का परामर्श लिया जाएगा।