भारतीय आईटी कंपनियों को अमेरिका जल्द ही एक बड़ा झटका दे सकता है। ट्रंप प्रशासन भारतीय आईटी पेशेवरों को जारी होने वाले एच1-बी वीजा की लिमिट को तय कर सकता है। इससे टीसीएस, इंफोसिस और विप्रो जैसी प्रमुख भारतीय आईटी कंपनियों पर असर पड़ेगा। इसके चलते गुरुवार को शेयर बाजार में इन कंपनियों के शेयरों में बड़ी गिरावट देखने को मिली।
टीसीएस और इंफोसिस जैसी बड़ी कंपनियां एच-1बी वीजा पर अपने इंजीनियर और डेवलपर को अमेरिका भेजती हैं। इसलिए इससे आईटी सेक्टर को काफी नुकसान होगा। इतना ही नहीं, आपको बता दें कि 150 अरब डॉलर यानी 10.5 लाख करोड़ रुपये की भारतीय आईटी इंडस्ट्री के लिए अमेरिका सबसे बड़ा बाजार है।
अमेरिका हर साल दूसरे देशों के कर्मचारियों को अपने यहां काम करने की मंजूरी देने के लिए एच-1बी वीजा जारी करता है। शुरू में इसके तहत अमेरिका में तीन साल तक काम करने की मंजूरी मिलती है। लेकिन बाद में इस छह साल तक बढ़ाया जा सकता है।
एच-1बी वीजा देने की लिमिट 10 फीसदी से 15 फीसदी तक तय करने की खबर के बाद से आईटी कंपनियों के शेयरों में भारी गिरावट देखने को मिल रही है। एक ओर जहां विप्रो के शेयर में चार फीसदी की गिरावट आई, वहीं गुरुवार को टेक महिंद्रा का शेयर 1.5 फीसदी टूटा। इसके साथ ही टीसीएस के शेयर में भी 0.5 फीसदी से लेकर एक फीसदी तक गिरावट आ चुकी है।