अमेरिका विभाग ने एच-1बी विशेष व्यवसायों के लिए अस्थायी व्यापार वीजा जारी नहीं करने का प्रस्ताव पेश किया है, जिसका कई भारतीयों पर असर पड़ेगा। यह कई कंपनियों के तकनीकी पेशेवरों को छोटे कार्यकाल के लिए अमेरिका में साइट पर जाकर काम करने की अनुमति देता है।
अगर यह प्रस्ताव मंजूर हो जाता है, तो उन सभी संभावनाओं पर पूर्ण विराम लग जाएगा, जो 'बी-1 एच पॉलिसी के तहत' विदेशी पेशेवरों को कुशल श्रम के लिए अमेरिका में प्रवेश करने के लिए एक वैकल्पिक अवसर की इजाजत देता है। साथ ही इससे अमेरिकी नियोक्ताओं को अपने कुशल श्रमिकों को प्रोत्साहित करने का मौका मिलेगा।
क्या है एच-1बी वीजा?
एच-1बी गैर-आव्रजक वीजा होता हैं, जिसके तहत अमेरिकी कंपनियों को विशेष तकनीकी दक्षता वाले पदों पर विदेशी पेशेवरों को नियुक्त करने की अनुमति होती है। इस वीजा के जरिए प्रौद्योगिकी क्षेत्र की कंपनियां हर साल भारत और चीन जैसे देशों से हजारों कर्मचारियों की नियुक्ति करती हैं।
यह कदम तब सार्वजनिक किया गया जब तीन नवंबर को होने वाले राष्ट्रपति चुनाव में सिर्फ दो हफ्तों का ही समय रह गया है। नए नियम से उन भारतीय कंपनियों पर प्रभाव पड़ेगा, जो अमेरिका में साइट पर नौकरी करने के लिए अपने तकनीकी पेशेवरों को बी-1 वीजा पर थोड़े समय के लिए भेजती हैं।