अमेरिका की सरकार ने एच-1बी (H-1B) वीजा को लेकर बड़ा बयान दिया है। 20 जून को यह खबर आई थी कि ट्रंप प्रशासन भारतीय आईटी पेशेवरों को जारी होने वाले एच1-बी वीजा की लिमिट को तय कर सकता है। अब पीटीआई से मिली जानकारी के अनुसार, अमेरिकी सरकार ने कहा है कि उनकी ओर से एच-1बी वीजा को लेकर ऐसी कोई भी लिमिट नहीं बनाई गई है।
इससे पहले ये खबर आई थी कि अमेरिका भारत को एच-1बी वीजा देने की लिमिट 10 फीसदी से 15 फीसदी तक सीमित करने पर विचार कर रहा है। लेकिन अमेरिका की ओर से इस खबर को गलत बताया गया है। बता दें कि हर साल अमेरिका 85,000 एच-1बी वीजा जारी करता है और इनमें से 70 फीसदी वीजा भारतीय कर्मचारियों को ही मिलते हैं। फिलहाल किसी भी देश के लिए एच1-बी वीजा लेने के लिए कोई लिमिट तय नहीं है।
टीसीएस और इंफोसिस जैसी बड़ी कंपनियां एच-1बी वीजा पर अपने इंजीनियर और डेवलपर को अमेरिका भेजती हैं। इसलिए अगर वीजा लिमिट तय हो जाती, तो इससे आईटी सेक्टर को काफी नुकसान होता। आपको बता दें कि 150 अरब डॉलर यानी 10.5 लाख करोड़ रुपये की भारतीय आईटी इंडस्ट्री के लिए अमेरिका सबसे बड़ा बाजार है।
अमेरिका हर साल दूसरे देशों के कर्मचारियों को अपने यहां काम करने की मंजूरी देने के लिए एच-1बी वीजा जारी करता है। शुरू में इसके तहत अमेरिका में तीन साल तक काम करने की मंजूरी मिलती है। लेकिन बाद में इस छह साल तक बढ़ाया जा सकता है।