देश की दूसरी सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी ने केंद्र सरकार से अपील की गई है कि 5जी स्पेक्ट्रम आवंटन के लिए उच्च शुल्क नहीं लिया जाए, बल्कि इसे कम रखा जाए। चेयरमैन सुनील भारती मित्तल ने एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि देश में तेजी से इस नेटवर्क को फैलाने के लिए ये जरूरी है और सरकार को अगली पीढ़ी के दूरसंचार नेटवर्क को काम को तेजी शुरू करना चाहिए।
कीमतें कम रखना होगा कारगर
सुनील भारती मित्तल ने कहा कि 5जी नेटवर्क महत्वपूर्ण है और इसलिए हम सरकार से अनुरोध करते रहते हैं कि देश में इसे सही से रोलआउट करने के लिए स्पेक्ट्रम आवंटन कम कीमत पर किया जाए। उन्होंने तर्क दिया कि स्पेक्ट्रम अधिग्रहण पर पैसा लगाने के बजाय, सेवा प्रदाता नेटवर्क के तेजी से रोलआउट में निवेश कर सकते हैं, जो कि इसे कम समय में विस्तार में अहम भूमिका निभाएगा। इससे उद्योग पर अधिक दबाव नहीं पड़ेगा। गौरतलब है कि दूरसंचार कंपनियां पहले भी स्पेक्ट्रम के लिए ऊंची आरक्षित कीमतों पर अपनी शिकायत दर्ज करा चुकी हैं।
क्रिप्टोकरेंसी को बताया गभीर समस्या
इसके अलावा एयरटेल के चेयरमैन ने क्रिप्टोकरेंसी को लेकर भी अपनी राय रखी और निजी व अनियमित डिजिटल एसेट को एक गंभीर समस्या करार दिया है। उन्होंने भारतीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा अमेरिका के वाशिंगटन में क्रिप्टोकरेंसी को लेकर दिए गए बयान का समर्थन किया। गौरतलब है कि आईएमएफ की बैठक के दौरान वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने क्रिप्टोकरेंसी के खतरे के प्रति भी दुनिया के सभी देशों को चेताया था। उन्होंने कहा कि क्रिप्टोकरेंसी का सबसे बड़ा जोखिम ये है कि इसका उपयोग मनी लॉन्ड्रिंग और आतंक के वित्तपोषण यानी टेरर फंडिंग में किया जा सकता है।