एयर इंडिया के नए मुख्य कार्यकारी अधिकारी और प्रबंध निदेशक टेवोल्डे गेब्रेमरियम ने सोमवार को कर्मचारियों को संबोधित किया। उन्होंने एयरलाइन के कर्मचारियों से पूरा समर्थन और सहयोग मांगा। गेब्रेमरियम ने परिचालन में होने वाले व्यवधानों को कम करने पर विशेष जोर दिया। उनका लक्ष्य एयर इंडिया को फिर से एक मजबूत और सफल ब्रांड बनाना है।
गेब्रेमरियम ने 1990 के दशक में मुंबई में अपने कार्यकाल को याद किया। उन्होंने बताया कि उस समय एयर इंडिया उद्योग में शीर्ष पर थी। अब उन्हें इसे फिर से एक मजबूत ब्रांड बनाने का अवसर मिलेगा। उन्होंने सुरक्षा-प्रथम संस्कृति को नंबर एक प्राथमिकता बताया। गेब्रेमरियम ने व्यवधानों को कम करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि जब व्यवधान होते हैं, तो उन्हें पेशेवर तरीके से संभालें और ग्राहकों का ध्यान रखें।
नए मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने कर्मचारियों से कहा, "मुझे आपके समर्थन और सहयोग की आवश्यकता है।" उन्होंने स्पष्ट किया कि लोगों की प्रतिबद्धता के बिना सार्थक बदलाव लाना संभव नहीं है। गेब्रेमरियम आवश्यक स्वीकृतियां मिलने के बाद मुख्य कार्यकारी अधिकारी और प्रबंध निदेशक का पद संभालेंगे। एयर इंडिया के अध्यक्ष एन चंद्रशेखरन ने भी कर्मचारियों को संबोधित किया। निवर्तमान मुख्य कार्यकारी अधिकारी और प्रबंध निदेशक कैंपबेल विल्सन ने भी कर्मचारियों से बात की।
निवर्तमान मुख्य कार्यकारी अधिकारी कैंपबेल विल्सन ने कहा कि एयर इंडिया के सबसे अच्छे दिन अभी आने बाकी हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि वह किनारे से एयरलाइन के सबसे बड़े समर्थक बने रहेंगे। विल्सन ने एयर इंडिया के भविष्य के प्रति अपनी आशा व्यक्त की। उन्होंने नए नेतृत्व को शुभकामनाएं दीं। यह बदलाव एयर इंडिया के लिए एक नए युग की शुरुआत का प्रतीक है।
सोमवार हुई एक अहम टाउन हॉल बैठक में टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने दोटूक कहा कि एअर इंडिया को यात्रियों का भरोसा जीतना होगा और खर्चों पर लगाम लगानी होगी। इस नए सफर की कमान अब विमानन क्षेत्र के दिग्गज टेवोल्डे गेब्रेमारियम को सौंपी गई है, जिन्होंने आते ही नारा दिया-"हम एअर इंडिया को फिर से महान बनाएंगे"।