टाटा समूह के स्वामित्व वाली एयर इंडिया ने वैश्विक विमानन बाजार में अपनी पहुंच बढ़ाने के लिए एक अहम रणनीतिक फैसला लिया है। हैदराबाद में चल रहे 'विंग्स इंडिया 2026 के दौरान एयरलाइन ने घोषणा की कि वह अपने पुराने ऑर्डर में बदलाव कर 15 अत्याधुनिक 'A321XLR' विमान अपने बेड़े में शामिल करेगी। केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री के. राम मोहन नायडू की मौजूदगी में यह एलान किया गया। आम यात्री के लिए एअर इंडिया के इस फैसले का सीधा मतलब यह है कि आने वाले वर्षों में उन्हें कई नए अंतरराष्ट्रीय शहरों के लिए बिना रुके सीधी फ्लाइट्स की सुविधा मिल सकेगी।
3. यात्रियों को कब और क्या फायदा मिलेगा?
4. प्रबंधन क्या कहना है?
एयर इंडिया के सीईओ और एमडी कैंपबेल विल्सन ने कहा, "सिंगल-आइल विमानों के ऑर्डर को रणनीतिक रूप से A321XLR में बदलना एयर इंडिया को भविष्य के लिए तैयार करने की कोशिश है।" वहीं, एयरबस के अधिकारी ने इसे गेम-चेंजिंग विमान बताया जो एयरलाइन की कमाई बढ़ाने में मदद करेगा।
5. भविष्य की क्या तैयारी?
एयर इंडिया और एयरबस की साझेदारी सिर्फ विमान खरीदने तक सीमित नहीं है। दोनों कंपनियों ने 50:50 की साझेदारी में गुरुग्राम में एक पायलट ट्रेनिंग सेंटर भी खोला है, जिसका उद्घाटन सितंबर 2025 में हुआ था। यहां अगले एक दशक में 5,000 से ज्यादा नए पायलटों को ट्रेनिंग दी जाएगी। फिलहाल एयर इंडिया के पास कुल 600 विमानों के फर्म ऑर्डर हैं, जिनमें से 542 विमानों की डिलीवरी अभी बाकी है। बेगमपेट एयरपोर्ट पर चल रहा एशिया का सबसे बड़ा विमानन कार्यक्रम 'विंग्स इंडिया 2026' 31 जनवरी तक चलेगा, जहां यह बड़ी घोषणा की गई।