एअर इंडिया और एअर इंडिया एक्सप्रेस ने घरेलू व अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का फ्यूल सरचार्ज बढ़ाने का फैसला किया है। नई दरें 9 अक्तूबर से लागू होंगी। इसका असर यात्रियों के कुल हवाई किराये पर पड़ सकता है। आखिर कितना बढ़ेगा किराया? आइए, जानते हैं...
त्योहारी सीजन शुरू होने से पहले हवाई यात्रियों के लिए किराया बढ़ने की खबर आई है। एअर इंडिया और एअर इंडिया एक्सप्रेस ने घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के फ्यूल सरचार्ज में बढ़ोतरी की है। कंपनी की नई दरें 9 अक्तूबर से लागू होंगी। यह फैसला विमान ईंधन यानी एविएशन टर्बाइन फ्यूल (एटीएफ) की कीमतों में लगातार हो रहे उतार-चढ़ाव और हालिया बढ़ोतरी के बीच लिया गया है।
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एटीएफ की कीमतों में उतार-चढ़ाव का असर
एअर इंडिया ने कहा कि पिछले कुछ महीनों में एटीएफ की कीमतों में काफी अस्थिरता रही है। कंपनी के मुताबिक, इसके पीछे भू-राजनीतिक घटनाक्रम और वैश्विक ऊर्जा बाजार पर बना दबाव प्रमुख कारण हैं। ईंधन की कीमत बढ़ने से एयरलाइंस की परिचालन लागत भी बढ़ती है। एअर इंडिया के अनुसार, एयरलाइन के कुल परिचालन खर्च में ईंधन की हिस्सेदारी करीब 40 फीसदी होती है।
घरेलू उड़ानों पर 400 से 1,200 रुपये तक सरचार्ज
घरेलू उड़ानों के लिए फ्यूल सरचार्ज 400 रुपये से 1,200 रुपये के बीच रहेगा। यह राशि यात्रा की दूरी के हिसाब से तय की जाएगी। ऐसे में लंबी दूरी की घरेलू उड़ानों में यात्रियों को ज्यादा सरचार्ज देना पड़ सकता है।
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अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर भी बढ़ा शुल्क
अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए भी फ्यूल सरचार्ज बढ़ाया गया है। अलग-अलग क्षेत्र और देश के आधार पर यह शुल्क 55 अमेरिकी डॉलर से 215 अमेरिकी डॉलर तक होगा। इस बढ़ोतरी का असर उन यात्रियों पर पड़ेगा जो 9 अक्तूबर या उसके बाद एअर इंडिया और एअर इंडिया एक्सप्रेस की उड़ानों से यात्रा करेंगे।
इंडिगो भी बढ़ा चुका है सरचार्ज
एअर इंडिया और एअर इंडिया एक्सप्रेस का यह फैसला ऐसे समय आया है जब इंडिगो भी कुछ दिन पहले फ्यूल सरचार्ज बढ़ा चुका है। विमान ईंधन की कीमतों में बदलाव के बीच एयरलाइंस अपनी बढ़ती परिचालन लागत को देखते हुए सरचार्ज में संशोधन कर रही हैं।