एअर इंडिया विमान हादसे का मलबा
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टाटा ग्रुप ने इस मुश्किल वक्त में क्या अतिरिक्त कदम उठाए?
कानूनी बाध्यताओं से आगे बढ़ते हुए, टाटा संस ने 'AI171 मेमोरियल एंड वेलफेयर ट्रस्ट' की स्थापना की है। टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन की घोषणा के मुताबिक, 91% मृतक परिवारों को 1-1 करोड़ रुपये की अनुग्रह राशि दी जा चुकी है। कंपनी ने एक बाहरी पार्टनर की मदद से घटनास्थल से 22,000 से अधिक निजी वस्तुओं को सुरक्षित किया है, जिनमें से भारत और यूके में 139 मृतकों के परिजनों को उनका सामान लौटा दिया गया है। इसके अलावा, टाटा ग्रुप की 17 कंपनियों के 500 से अधिक वॉलंटियर्स ने ग्राउंड जीरो पर काम किया और टाटा कंपनियों के सीईओ ने 152 प्रभावित परिवारों से निजी तौर पर मुलाकात कर सांत्वना दी।
एअर इंडिया विमान हादसा
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हादसे की फाइनल जांच रिपोर्ट में देरी क्यों हो रही है?
अंतरराष्ट्रीय नियमों के अनुसार किसी भी हादसे की फाइनल रिपोर्ट एक साल के भीतर आनी चाहिए, लेकिन भारतीय जांचकर्ताओं को अभी जीई एयरोस्पेस द्वारा बनाए गए इंजनों का विश्लेषण पूरा करने के लिए और समय चाहिए। पिछले साल आई प्राथमिक रिपोर्ट में यह बात सामने आई थी कि उड़ान भरने के तुरंत बाद विमान के 787 इंजन के फ्यूल कंट्रोल स्विच लगभग एक साथ 'रन' से 'कटऑफ' पर चले गए थे, जिससे दोनों इंजनों में ईंधन की सप्लाई बंद हो गई थी। अप्रैल में इंजनों की टेस्टिंग हुई है और जांच टीम पिछले महीने फ्रांस भी गई थी। अब माना जा रहा है कि अमेरिका में इंजन की जांच का काम पूरा होने के बाद अगले तीन महीनों में अंतिम रिपोर्ट सामने आ सकती है।
एअर इंडिया विमान हादसा
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क्या है पायलट सुसाइड थ्योरी और इस पर क्या विवाद है?
जांच का एक बड़ा हिस्सा पायलटों के कार्यकलापों पर भी केंद्रित है। अमेरिकी अधिकारियों के शुरुआती आकलन और कॉकपिट रिकॉर्डिंग के आधार पर यह शक जताया गया था कि कैप्टन ने जानबूझकर विमान के इंजनों का फ्यूल फ्लो काट दिया था। हालांकि, फेडरेशन ऑफ इंडियन पायलट्स (एफआईपी) ने पांच जून को विमानन मंत्री और प्रधानमंत्री कार्यालय को पत्र लिखकर मांग की है कि जांच एजेंसियां बोइंग और एअर इंडिया से और तकनीकी डेटा मांगें ताकि इस पायलट सुसाइड थ्योरी का उचित खंडन किया जा सके। कैप्टन के पिता ने भी सुप्रीम कोर्ट से निष्पक्ष जांच की मांग की है।
एअर इंडिया हादसा दुनिया का पहला बोइंग 787 ड्रीमलाइनर हादसा था, जिसने पूरे एविएशन सेक्टर को सदमे में डाल दिया था। हादसे में अपने बेटे और बहू को खोने वाले अनिल कुमार पटेल के शब्दों में कहें तो, "सरकार और एयरलाइन ने मुआवजे में मदद की है... लेकिन हम चाहते हैं कि सरकार विमानन कंपनियों की ओर से सुरक्षा सुनिश्चित करे, हमें न्याय चाहिए"। अब यह देखना अहम होगा कि तकनीकी इंजन रिपोर्ट सामने आने के बाद जांच किस दिशा में जाती है।