अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने आगाह किया है कि एआई में निवेश की रफ्तार धीमी पड़ने से पूरी दुनिया में उथल-पुथल मच सकती है। वैश्विक वित्तीय स्थिरता रिपोर्ट में आईएमएफ ने कहा कि बढ़ते सरकारी कर्ज, महंगे बॉन्ड और बड़े साइबर हमलों से भी बाजारों को खतरा है। फिलहाल, निवेशकों का भरोसा मजबूत है, लेकिन इसे वित्तीय सुरक्षा की गारंटी नहीं माना जा सकता।
बढ़ता कर्ज विश्व के लिए बड़ा संकट
आईएमएफ ने चेताया कि एआई क्षेत्र में कर्ज के सहारे निवेश बढ़ने का असर गंभीर हो सकता है। अगर एआई में निवेश की रफ्तार धीमी पड़ती है, तो कर्ज चुकाने या जोखिम कम करने के दबाव में निवेशकों को अपनी संपत्तियां जल्द बेचनी पड़ सकती हैं। इससे शेयरों और अन्य वित्तीय परिसंपत्तियों की कीमतों में तेज उतार-चढ़ाव आ सकता है।
एआई क्षेत्र की बड़ी प्रौद्योगिकी कंपनियां, जिन्हें हाइपरस्केलर कहा जाता है, अब वैश्विक निवेश श्रेणी के बॉन्ड जारी करने में करीब 10% हिस्सेदारी रखती हैं। वर्ष 2024 में यह हिस्सेदारी एक फीसदी से भी कम थी। यानी एआई से जुड़ा निवेश अब वैश्विक कर्ज बाजार में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाने लगा है।