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Plane Crash: निजीकरण के बाद खराब होती छवि, अब अहमदाबाद हादसा; एअर इंडिया के लिए आगे की राह कितनी मुश्किल

Thu, 12 Jun 2025 09:10 PM IST
कुमार विवेक बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Ahmedabad Plane Crash: एअर इंडिया की शुरुआत 1932 में उद्यमी जेआरडी टाटा ने की थी। 1953 में भारत सरकार ने इसका अधिग्रहण कर लिया था। 2022 में टाटा समूह ने सरकार के साथ 2.2 अरब डॉलर का सौदा कर एयरलाइन का संचालन फिर अपने हाथ में ले लिया। अब अहमदाबाद हादसे के बाद विमानन कंपनी की साख को बड़ा झटका लगा है। आइए इस बारे में जानते हैं।
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एअर इंडिया - फोटो : PTI
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विस्तार
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देश की सबसे बड़ी और प्रतिष्ठित एयरलाइनों में से एक एअर इंडिया की ओर से संचालित बोइंग 787 ड्रीमलाइनर विमान गुरुवार को अहमदाबाद में हादसे का शिकार हो गया। विमान अहमदाबाद से लंदन गैटविक जा रहा था, जो उड़ान भरने के कुछ ही क्षण बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गया। विमान पर चालक दल के सदस्यों समेत 242 लोग सवार थे। अधिकारियों के अनुसार, हादसे में किसी के बचने की उम्मीद काफी कम है। निजीकरण के बाद सुविधाओं के मामले में अपनी खराब होती छवि के बीच अहमदाबाद विमान हादसा एअर इंडिया के लिए एक बड़े झटके की तरह है। सरकारी टैग हटने के बाद अब तक विमानन कंपनी की साख फिर से बहाल करने के लिए टाटा समूह की ओर से क्या-क्या किया गया है? अहमदाबाद हादसे के क्या मायने हैं? आइए विस्तार से जानते हैं।

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अमहमदाबाद में विमान हादसा। - फोटो : पीटीआई

1932 में स्थापित एयरलाइन के लिए विमान हादसा बड़ा झटका क्यों?

एअर इंडिया की शुरुआत 1932 में उद्यमी जेआरडी टाटा ने की थी। 1953 में भारत सरकार ने इसका अधिग्रहण कर लिया था। सरकार के अधीन, वर्षों के कुप्रबंधन और बढ़ती प्रतिस्पर्धा के कारण एयरलाइन पर कर्ज का बोझ बढ़ता गया। उसके बाद टाटा समूह ने 2022 में 2.2 बिलियन डॉलर के सौदे में एयरलाइन का संचालन अपने हाथ में ले लिया। उसके बाद से एयरलाइन को वापस ऊंचाइयों की पर पहुंचाने की कोशिश हो रही है। लेकिन, एअरलाइन की सेवाओं पर सवाल उठने से समय-समय पर उसकी छवि खराब होती रही है। खुद केंद्रीय मंत्री विमान में मौजूद सुविधाओं पर सवाल उठा चुके हैं। इस बीच, अहमदाबाद में हुआ यह हादसा विमानन कंपनी के लिए एक बड़े झटके की तरह है। यहां से आगे की राह विमानन कंपनी के लिए बहुत कठिनाई भरी हो सकती है।

टाटा समूह ने जब फिर से एयरलाइन का नियंत्रण अपने हाथ में लिया उस समय यह पूरी तरह से अव्यवस्थित थी। सीईओ विल्सन कैंपबेल विल्सन ने 2024 कहा था कि कुछ विमानों की डिलिवरी 2010-2011 लिए जाने के बाद उनका नवीनीकरण नहीं किया जा सकता है। नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने मार्च में संसद को बताया कि एयर इंडिया के पास घरेलू यात्री बाज़ार का 30% हिस्सा है और उसके बेड़े में 198 विमान हैं, जिनमें से 27 10 से 15 साल पुराने हैं और 43 15 साल से ज्यादा पुराने हैं। एयर इंडिया एक्सप्रेस के पास 101 विमान हैं, जिनमें से 37% 15 साल से ज़्यादा पुराने हैं। फ्लाइटराडार24 के अनुसार, गुरुवार को दुर्घटनाग्रस्त हुआ विमान 11 वर्ष पुराना था।

बदलाव की कोशिशों के बीच कितना बदल पाया एअर इंडिया?

एयर इंडिया, जिसका आंशिक स्वामित्व सिंगापुर एयरलाइंस के पास है ने हाल के वर्षों में 570 नए जेट विमानों के लिए ऑर्डर दिए हैं और दर्जनों अन्य विमानों के लिए बातचीत चल रही है। हालांकि इसने अपने अंतरराष्ट्रीय उड़ान नेटवर्क का आक्रामक रूप से विस्तार किया है, लेकिन इस दौरान यात्रियों की शिकायतें भी कम नहीं हुईं हैं। सोशल मीडिया पर गंदी सीटें, टूटे आर्मरेस्ट, खराब मनोरंजन प्रणाली और गंदे केबिन की शिकायतों से जुड़े मामले अक्सर सामने आते रहे हैं। 

मई में एक समाचार एजेंसी की ओर से किए गए नागरिक उड्डयन प्राधिकरण के आंकड़ों के विश्लेषण के अनुसार, विमानन कंपनी को ब्रिटेन में उड़ान में देरी के लिए सबसे खराब एयरलाइन माना गया है। जहां 2024 में इसकी प्रस्थान उड़ानें औसतन निर्धारित समय से लगभग 46 मिनट देरी से उड़ रही थीं। विमानन कंपनी वित्तीय वर्ष 2019-20 से अपने वित्तीय परिणामों में घाटे की जानकारी दे रहा है। 2023-24 में एयरलाइन ने 4.6 अरब डॉलर के राजस्व और 52 करोड़ डॉलर के शुद्ध घाटे की जानकारी दी है। अहमदाबाद हादसे के बाद एयरलाइन के जिम्मे भारत की सबसे बुरी विमानन दुर्घटनाओं में से एक की जांच का काम भी आ गया है। सीईओ विल्सन ने गुरुवार को एक वीडियो संदेश में कहा, "एयर इंडिया में यह हम सभी के लिए एक कठिन दिन है। जांच में समय लगेगा।"

अहमदाबाद में एअर इंडिया विमान हादसा - फोटो : एएनआई / सीआईएसएफ

कितना बड़ा है एअर इंडिया का बेड़ा, कितनी उड़ानें?

एअर इंडिया वर्तमान में 43 घरेलू और 41 अंतरराष्ट्रीय गंतव्यों के लिए उड़ान भरती है। मई महीने तक के आंकड़ों के अनुसार, यह 191 विमानों का संचालन करती है। इसके बेड़े में एयरबस और बोइंग दोनों विमान निर्माता कंपनियों के संकीर्ण (नैरो) और चौड़ी (वाइड) बॉडी मॉडल शामिल हैं। वर्तमान में यह देश की एकमात्र एयरलाइन है जो ऑस्ट्रेलिया से लेकर यूरोप और उत्तरी अमेरिका तक लंबी दूरी के गंतव्यों तक सीधी उड़ान भरती है। इसकी कम लागत वाली इकाई, एयर इंडिया एक्सप्रेस, भारत और विदेश में 55 गंतव्यों के लिए उड़ान भरती है, जिसका मुख्य ध्यान मध्य पूर्व के देशों पर है। 

एअर इंडिया के विलय की क्या कहानी है?

टाटा समूह ने नवंबर में एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस को अपने उस समय के मौजूदा एयरलाइन्स विस्तारा और AIX कनेक्ट के साथ विलय कर दिया। इसके बाद यह इंडिगो के बाद भारत का सबसे बड़ा एयरलाइन समूह बन गया। एयर इंडिया का विस्तारा के साथ भी विलय हो चुका है। एयर इंडिया एक्सप्रेस का AIX कनेक्ट के साथ विलय हुआ है। इन एयरलाइनों के पास भारत के घरेलू विमानन बाजार का लगभग 30% हिस्सा है। सिंगापुर एयरलाइंस, जिसने टाटा के साथ मिलकर पूर्ण-सेवा वाली एयरलाइन विस्तारा शुरू की थी, संयुक्त एयर इंडिया समूह में 25% की मालिक है।

अहमदाबाद में विमान हादसा - फोटो : अमर उजाला

एअर इंडिया ने कितने विमानों के ऑर्डर दे रखे हैं?

एयर इंडिया ने फरवरी 2023 में एयरबस और बोइंग से संयुक्त रूप से 470 जेट विमानों का विश्व का सबसे बड़ा ऑर्डर दिया था। पिछले वर्ष दिसंबर में एयरबस से 100 जेट विमानों का ऑर्डर मिला था। रॉयटर्स ने जून की शुरुआत में बताया था कि एयर इंडिया, एयरबस और बोइंग के साथ एक बड़े नए विमान सौदे के लिए बातचीत कर रही है। यह बातचीत 200 अतिरिक्त सिंगल-आइल विमान खरीदने से जुड़ी है।

निजीकरण के बाद एअर इंडिया में क्या-क्या हुआ?

एअर इंडिया के निजीकरण के बाद टाटा समूह की पहल पर 2023 के मध्य में विमानन कंपनी के नए  लोगो, ब्रांडिंग और चालक दल के लिए विमान पोशाक का अनावरण किया गया। एअरलाइन ने अपने विमान के अंदरूनी हिस्सों के लिए 40 करोड़ डॉलर की लागत से नवीनीकरण और रेट्रोफिटिंग योजना भी शुरू की है। हालांकि, यह परियोजना आपूर्ति शृंखला से जुड़ी दिक्कतों के कारण अटकी हुई है। एअरलाइन ने अपने अधिकांश सिंगल आइल एयरबस ए320 नियो विमानों को रेट्रोफिट किया है और अपने लंबी दूरी के बोइंग 777 और 787 जेट को अपडेट करने पर काम कर रहा है। अहमदाबाद में हुआ विमान हादसा विमानन कंपनी को फिर से सुधारने की टाटा समूह की कोशिशों को फिर से बेपटरी कर सकता है। इस हादसे के बाद एयरलाइन की साख बुरी तरह प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है। इस हादसे के बाद विमानन कंपनी की ओर से किए जा रहे सुधार कार्यों के समय पर पूरा होने की राह में अड़चनें आ सकती हैं।
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अहमदाबाद विमान हादसा - फोटो : पीटीआई

एअर इंडिया विमान हादसे के बाद अब तक क्या अपडेट हैं?

अहमदाबाद हवाई अड्डे के करीब गुरुवार को हुए विमान हादसे के बाद एक अधिकारी ने बताया कि विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (एएआईबी)  एअर इंडिया विमान दुर्घटना की जांच करेगा। दुर्घटनाग्रस्त हुए एयर इंडिया के ड्रीमलाइनर बोइंग 787 विमान में 12 चालक दल के सदस्यों सहित 242 लोग सवार थे। अधिकारी ने बताया कि एएआईबी के महानिदेशक और एजेंसी के जांच निदेशक समेत अन्य अधिकारी अहमदाबाद के लिए रवाना होंगे। नागरिक उड्डयन मंत्रालय के अंतर्गत, AAIB भारतीय हवाई क्षेत्र में परिचालन करने वाले विमानों से संबंधित सुरक्षा घटनाओं को दुर्घटनाओं और गंभीर घटनाओं के रूप में वर्गीकृत करने के लिए जिम्मेदार है। यह दुर्घटनाओं की विस्तृत जांच करता है तथा सुरक्षा में सुधार के उपाय भी सुझाता है। बोइंग ने एक बयान में कहा, "हम प्रारंभिक रिपोर्टों से अवगत हैं और अधिक जानकारी जुटाने के लिए काम कर रहे हैं।" नागरिक उड्डयन मंत्री के राममोहन नायडू ने विमान दुर्घटना पर दुख व्यक्त किया और कहा कि वह व्यक्तिगत रूप से स्थिति पर नजर रख रहे हैं।

हादसे के बाद बोइंग ने क्या कहा है?

अमेरिकी विमान निर्माता कंपनी बोइंग ने इस हादसे पर कहा कि कंपनी एयर इंडिया के संपर्क में है। बोइंग ने एक बयान में कहा, "हम उड़ान संख्या 171 के संबंध में एयर इंडिया के संपर्क में हैं और उन्हें सहयोग देने के लिए तैयार हैं। हमारी संवेदनाएं यात्रियों, चालक दल, और सभी पीड़ितों के साथ हैं।"

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