कोरोना काल की वजह से कई लोगों को घर से बैठकर काम करना पड़ा, जिसकी वजह से पर्सनल कंप्यूटर की मांग में काफी ज्यादा बढ़ोतरी हुई है। अंतरराष्ट्रीय डाटा कॉरपोरेशन (आईडीसी) के अनुसार साल 2020 की तिमाही में पूरे विश्व में पर्सनल कंप्यूटर की शिपमेंट 11.2 फीसदी की बढ़त देखी गई है।
जानकारों का मानना है कि कोरोना वायरस से बचने की वजह से लोगों ने घर पर बैठकर काम करना शुरू किया जिसकी वजह से कंप्यूटर, लैपटॉप और डेस्कटॉप की मांग तेज हुई और इस अवधि के दौरान 7.23 करोड़ यूनिट बेचे गए। ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि कोरोना को फैलने से रोकने के लिए लोगों ने घरों से बैठकर काम करने को ज्यादा प्राथमिकता दी।
पूरे विश्व में यूरोप, मिडिल ईस्ट, अफ्रीका और संयुक्त राज्य अमेरिका में कंप्यूटर, लैपटॉप और डेस्कटॉप की सबसे ज्यादा बिक्री हुई। रिपोर्ट में जानकारी दी गई है कि एचपी लैपटॉप सबसे ज्यादा बिक रहे हैं, इन लैपटॉप की 25 फीसदी बिक्री हुई है। इसके बाद कुल लैपटॉप का 24.1 फीसदी लेनोवो में बिका और डेल 16.1 फीसदी की हिस्सेदारी के साथ टॉप तीन में आखिरी स्थान पर है।
इस दौरान एपल ने 55 लाख इकाइयां बेचीं और मार्केट शेयर की सात फीसदी हिस्सेदारी मिली। इसके अलावा एसर (Acer) ने मार्केट शेयर का 6.7 फीसदी हिस्सा बेचा और पांचवा स्थान ग्रहण किया।
आईडीसी का कहना है कि इन पांचों कंपनियों ने कंप्यूटर की कुल बिक्री में 80 फीसदी का योगदान दिया लेकिन ऐसा माना जा रहा है कि आगे आने वाले सालों में बदलाव हो सकता है। आईडीसी का कहना है कि जुलाई के बाद पर्सनल कंप्यूटर की मांग फिर से घट सकती है।