लगातार तीन महीने गिरावट के बाद नवंबर में औद्योगिक उत्पादन में 1.8 फीसदी की बढ़त दर्ज की गई। राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) के आंकड़ों के मुताबिक, विनिर्माण क्षेत्र में सुधार से आईआईपी को खासा समर्थन मिला। वहीं नवंबर, 2019 में इसमें 0.20 फीसदी की बढ़त रही थी।
इस महीने में विनिर्माण क्षेत्र में 2.7 फीसदी की बढ़त दर्ज की गई, जबकि एक साल पहले समान महीने में इसमें 0.7 फीसदी की कमी दर्ज की गई थी। विनिर्माण क्षेत्र के 23 उद्योग समूहों में से 13 में सकारात्मक वृद्धि दर्ज की गई। डेलॉय इंडिया की अर्थशास्त्री रुम्की मजूमदार ने कहा कि आईआईपी के ताजा आंकड़ों से बाजार और सरकार को राहत मिलेगी, क्योंकि औद्योगिक क्षेत्र में कुछ सुधार दिख रहा है।
बिजली क्षेत्र में 5 फीसदी की गिरावट के साथ सुस्ती जारी रही है, जबकि नवंबर, 2018 में इसमें 5.1 फीसदी की बढ़त रही थी। वहीं खनन क्षेत्र में उत्पादन में वृद्धि दर 2.7 फीसदी से घटकर 1.7 फीसदी रह गई।
निवेश के लिहाज से अहम माने जाने वाले पूंजीगत सामान क्षेत्र में 8.6 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई, जबकि नवंबर, 2018 में 4.1 फीसदी की कमी रही थी। उपभोक्ता सामान या एफएमसीजी क्षेत्र में 2 फीसदी की मामूली बढ़त रही।
वहीं चालू वित्त वर्ष में अप्रैल-नवंबर के दौरान आईआईपी वृद्धि महज 0.6 फीसदी रही, जबकि बीते साल समान अवधि में यह 5 फीसदी रही थी। अगस्त, 2019 के बाद से ही आईआईपी में गिरावट बनी हुई थी। अक्तूबर, 2019 तक तीन महीनों में इसमें क्रमश: 1.4 फीसदी, 4.3 फीसदी और 3.8 फीसदी की कमी दर्ज की गई थी।