अमेरिका ने इस साल कड़ी जांच के बाद भी सबसे ज्यादा एच-1बी वीजा को जारी किया है। इससे साबित होता है कि इस वीजा के लिए अभी भी काफी मांग बनी हुई है। अमेरिकी सरकार के इस कदम से भारतीयों को काफी राहत मिली है, क्योंकि ज्यादातर भारतीय इसी वीजा के लिए आवेदन करते हैं।
2015 में जहां 2.88 लाख वीजा आवेदन अमेरिकी आव्रजन विभाग (यूएससीआईएस) ने स्वीकार किए थे, वहीं 2019 में इनकी संख्या बढ़कर के 3.89 लाख हो गई है। इन तीन सालों के दौरान इसमें 84.5 फीसदी का इजाफा हुआ है।
अमेरिकी आव्रजन विभाग ने देशों के आधार पर डाटा को रीलीज नहीं किया है। लेकिन पिछले कुछ सालों से केवल 70 फीसदी एच-1बी वीजा केवल भारतीयों को दिया गया है। अगर किसी व्यक्ति के पास किसी नौकरी के लिए कम से स्नातक की डिग्री है और उसकी कंपनी द्वारा एच-1बी वीजा को स्पॉनसरशिप देतीहै, तो फिर उसके वीजा आवेदन को स्वीकार कर लिया जाएगा।