एशियन डेवलपमेंट बैंक (प्रतीकात्मक फोटो)
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भारत को 10 फीसदी की वृद्धि दर हासिल करने के लिए भूमि और श्रम जैसे कारक बाजार सुधारों पर ध्यान देने की जरूरत है। एशियाई विकास बैंक (एडीबी) के मुख्य अर्थशास्त्री अल्बर्ट पार्क ने इस बात को लेकर चिंताएं हैं कि भारत में बेरोजगारी के औपचारिक क्षेत्र में भूमि और श्रम जैसे बुनियादी कारक बाजार का आकार अब भी छोटा है।
कारक बाजार सुधारों में भूमि, श्रम, ऊर्जा व ऋण तक पहुंच आदि शामिल हैं, जो उत्पादन के लिए महत्वपूर्ण हैं। पार्क ने कहा कि दोहरे अंक की वृद्धि दर हासिल करने के लिए भारत विभिन्न मापदंडों पर अच्छा प्रदर्शन कर रहा है। लेकिन, 10 फीसदी से अधिक की वृद्धि हासिल करने के लिए बुनियादी ढांचा क्षेत्र व वैश्विक अग्रणी प्रौद्योगिकियों में भारी निवेश की जरूरत होगी।
उन्होंने कहा, नियामकीय व कारोबारी सुगमता के साथ शुल्क को आसान और कम कर भारत वैश्विक मूल्य शृंखला में अपनी हिस्सेदारी बढ़ा सकता है। इसके अलावा, मानव पूंजी में अधिक निवेश करने की जरूरत है। एडीबी के मुख्य अर्थशास्त्री ने कहा कि भारत को इलेक्ट्रॉनिक्स, कपड़ा जैसे सघन विनिर्माण वाले क्षेत्रों में निर्यात बढ़ाने की जरूरत है, जो अब भी बहुत सीमित हैं। साथ ही, यह एशिया के अन्य अधिक गतिशील हिस्सों की तरह तेजी से नहीं बढ़ रहे हैं।
हाल ही में एडीबी में चालू वित्त वर्ष यानी 2023-24 के लिए भारत के विकास दर अनुमान को 6.7 फीसदी से बढ़ाकर 7 फीसदी कर दिया है। साथ ही, 2025-26 में भारतीय अर्थव्यवस्था के 7.2 फीसदी की रफ्तार से बढ़ने की उम्मीद जताई है।