इंटरनेट आधारित विश्वकोष विकिपीडिया ने कहा है कि एक दशक से भी अधिक समय से 'सॉकपपेट्स' ने उद्योगपति गौतम अडाणी, उनके परिवार और अदाणी समूह के संबंध में गैर-तटस्थ सामग्री जोड़कर व विकीपीडिया पर उपलब्ध सूचनाओं से चेतावनियां हटाकर अतिप्रशंसा का माहौल बनाया।
बता दें कि पहली पीढ़ी के उद्यमी अदाणी की नेटवर्थ में बीते एक महीने के दौरान करीब 70 अरब डॉलर से अधिक की गिरावट आई है और वह एक महीने से भी कम समय में एशिया के सबसे अमीर और दुनिया के तीसरे सबसे अमीर कारोबारी से अरबपतियों की लिस्ट में 25वें स्थान पर खिसक गए हैं।
इससे पहले अमेरिका के शॉर्ट सेलर हिंडनबर्ग रिसर्च ने समूह पर अकाउंटिंग धोखाधड़ी, स्टॉक प्राइस हेरफेर और मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप लगाया था इन आरोपों से समूह ने बार-बार इनकार किया है और कानूनी कार्रवाई की धमकी दी है।
विकीपीडिया ने 20 फरवरी को 'गलत सूचना रिपोर्ट' में हिंडनबर्ग द्वारा लगाए गए 'ठगी' का जिक्र करते हुए इस सवाल को साफ करने की कोशिश की है कि 'क्या उन्होंने (अदाणी) और उनके कर्मचारियों ने विकिपीडिया के पाठकों को संबंधित विकिपीडिया लेखों के गैर-तटस्थ पीआर संस्करणों के साथ 'ठगने' की भी कोशिश की थी? इस सवाल के जवाब देते हुए कहा गया है कि लगभग निश्चित रूप से ऐसा किया गया।
विकिपीडिया के अनुसार 40 से अधिक ऐसे लोगों को प्रतिबंधित किया गया है जो अदाणी परिवार और पारिवारिक व्यवसायों पर नौ संबंधित लेखों को गलत तथ्यों के साथ संशोधित किया था। उनमें से कई ने कई लेखों को संपादित किया और गैर-तटस्थ सामग्री यानी पफरी को जोड़ा। विकिपीडिया एक विकी है, जिसका अर्थ है कि कोई भी लगभग किसी भी पृष्ठ को संपादित कर सकता है और लेखों को तुरंत सुधार सकता है। लेकिन जिस सिद्धांत पर यह काम करता है वह तटस्थता है।
एक सॉकपपेट एक नकली नाम या पहचान है जिसे एक ऑनलाइन उपयोगकर्ता की ओर से किसी अन्य व्यक्ति के रूप में उत्पादों पर बहस करने, धमकाने या समीक्षा करने के लिए बनाया जाता है। अदाणी समूह से संबंधित कुछ संपादन कंपनी के कर्मचारियों ने किए थे। विकीपीडिया ने आरोप लगाया कि उन आईपी पतों को सूचीबद्ध किया गया था जो अदाणी, उनकी पत्नी प्रीति, बेटे करण, भतीजे प्रणव और समूह की कंपनियों से जुड़ी जानकारी संपादित करते थे।
अडानी समूह के प्रवक्ता ने इस मामले पर टिप्पणी करने के संबंध में भेजे गए ईमेल का जवाब नहीं दिया।